आउटसोर्सिंग और नई शिक्षा नीति के विरोध में उतरा डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट

भास्कर न्यूज | लुधियाना डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब प्रतिनिधि परिषद की संगठनात्मक बैठक में पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों का मुद्दा उठा। नई शिक्षा नीति, आउटसोर्सिंग नीति व ठेका प्रणाली नीति को रद्द करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। इस दौरान रेशम सिंह राज्य सचिव चुने गए। इस दौरान मुद्दों पर चर्चा करते हुए निरंतर संघर्ष की शपथ ली गई। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब की राज्य स्तरीय प्रतिनिधि परिषद का अधिवेशन पंजाबी भवन लुधियाना में आयोजित किया गया। सत्र की शुरुआत में अतीत में जनांदोलन के दिवंगत नायकों को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। राज्य सचिव बलबीर लोंगोवाल द्वारा राज्य कमेटी की कार्य निष्पादन रिपोर्ट पेश की गई। उन्होंने अध्यापक मांगों व मुद्दों के सार्थक समाधान के लिए संगठन द्वारा पिछले समय में की गई गतिविधियों तथा भाईचारे के संगठनों के सहयोग से की गई गतिविधियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। संगठन के नेताओं द्वारा 16 फरवरी 2024 को देशव्यापी हड़ताल में शामिल होने पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने वेतन कटौती के खिलाफ लड़ाई को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। पंजाब सरकार व केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति, आउटसोर्सिंग नीति व ठेका प्रणाली नीति को रद्द करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। राज्य वित्त सचिव जसविंदर सिंह ने संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की और संगठन को सही दिशा और दशा में चलाने की जरूरत पर जोर दिया। राज्य सचिव बलबीर लोंगोवाल की सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिनिधि परिषद के राज्य कमेटी सदस्यों द्वारा रेशम बठिंडा को सर्वसम्मति से राज्य सचिव चुना गया। इस दौरान अध्यक्ष डॉ. टीना, एसएस रमसा अध्यापक संघ के नेता दीदार मुदकी तथा कंप्यूटर अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष जोनी सिंगला ने भी सभा को संबोधित किया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *