ब्यावर |मधुर कार्ष्णि मण्डल द्वारा आयोजित भागवत कथाज्ञान यज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन कथावाचक स्वामी रजनीशानंद महाराज ने कहा कि वेदव्यासजी द्वारा वर्णित और विघ्नहर्ता गणेशजी द्वारा लिखित 18000 श्लोक से परिपूर्ण भागवत श्रवण से जीवों को सभी पाप से मुक्ति मिलती है। जन्म से संस्कारित बालक को शिक्षा के साथ धर्मग्रंथों का अध्ययन भी करवाना चाहिए। कथा महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति-भाव से आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रस वर्षा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनिजी महाराज हरे राम आश्रम, हरिद्वार ने भी पधारकर उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिए। उन्होंने कहा कि त्रिभुवन स्वामी कृष्णचन्द्र भगवान सोलह कलाओं से परिपूर्ण पूर्ण ब्रह्म है। कृष्ण के दर्शन से 33 कोटि देवी देवताओं के दर्शन का पुण्य फल प्राप्त होता है। कथा से पूर्व दूसरे दिन की कथा के मुख्य यजमान माणक डाणी, कांतिलाल डाणी एवं घनश्याम गुप्ता, सुनील गुप्ता ने प्रातः विधिविधान से देवपूजा एवं व्यास पीठ का पूजन किया। कथा महोत्सव में कुसुम डाणी, मधु डाणी, सीमा गुप्ता, स्नेहलता गोयल, नेहा रायपुरिया, सारांश गोयल, शीला गहलोत, गीता देवी चौहान, इंद्रा देवी कुमावत, बीना देवी लाम्बा, शीला देवी देवड़ा, उषा गर्ग, निकिता गर्ग, पूजा गोयल आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया।


