उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में चाकूबाजी के बाद एक घंटे तक एंबुलेंस में तड़पकर दम तोड़ने वाले युवक प्रेम गमेती(32) के मामले में दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी है। सैकंड़ों की संख्या में समाज की महिलाएं और पुरुष एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर बैठे हैं। हॉस्पिटल प्रशासन के खिलाफ इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे हैं। समाज के रोशन मेघवाल ने बताया कि लापरवाह डॉक्टरों को बचाने के लिए हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ आरएल सुमन गैर जिम्मेदराना बयानबाजी कर रहे हैं। डॉ सुमन का बयान था कि ‘इलाज कराने आए परिजन और घायल जल्दी में थे। घायल ने कहा था कि जल्दी फ्री करो। बदला लेना है’। मेघवाल बोले-हकीकत ये है कि डॉक्टरों ने परिजनों को बोला था कि पहले थाने से रिपोर्ट लाओ, तब आगे इलाज करेंगे। घायल के शरीर पर 7 जगह गहरे घाव थे, वह ठीक से पैरों पर चल भी नहीं पा रहा था। वह बदला कैसे लेगा? मुआवजा मिले और लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई हो: बालू भील
समाज के बालू भील ने बताया कि हमारी मांग है कि लापरवाही डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक की आर्थिक हालत खराब है। उसके 14 साल की बेटी है। उसे उचित मुआवजा मिले और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। ये मांगे जब तक पूरी नहीं होती। हम यहां से नहीं हटेंगे। प्रशासन अगर जल्द मांगे नहीं मानता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। डॉक्टरों ने घायल को रिपोर्ट लिखवाने थाने भेज दिया
घटना गुरुवार सुबह 4 बजे सेक्टर-8 से गुजरने वाली रेलवे लाइन के पास की है। जब मृतक प्रेम गमेती सवीना मंडी में मजदूरी के लिए जा रहा था। तभी रास्ते में दो से तीन अज्ञात बदमाशों ने उसे लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर चाकू से वार कर दिया। सूचना पर परिजन पहुंचे और हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद थाने में मामला दर्ज करवाने के लिए भेज दिया था। गंभीर रूप से घायल युवक प्रेम गमेती (32) थाने के सामने एम्बुलेंस में दर्द से एक घंटे तक कराहता रहा। बार-बार कह रहा था कि ‘जल्द मुझे हॉस्पिटल ले चलो, मैं मर जाऊंगा।’ आखिरकार, उसने एमबी हॉस्पिटल लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजन और समाज के लोग भड़क गए और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।


