आगरा और अटलजी का पुराना नाता रहा है। उनका पैतृक गांव बटेश्वर है। अटलजी की याद में उनकी जयंती 25 दिसंबर 2023 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बटेश्वर में हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत की थी। सेवा के शुभारंभ को एक साल हो गए लेकिन आज तक एक भी हेलिकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी। पर्यटन बढ़ाने के दावे हवा हवाई ही निकले। सीएम योगी ने किया था उद्घाटन
CM योगी ने एक साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर बटेश्वर से आगरा और मथुरा की हेलिकॉप्टर सेवा का उद्घाटन किया था। दो हेलिकॉप्टर भी जनसभा स्थल पर पहुंचे थे। ये सेवा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर शुरू हुई थी। इस सेवा का उद्देश्य मथुरा और आगरा के बीच पर्यटन को बढ़ावा और हवाई दर्शन कराना था। मगर, उद्घाटन के एक साल बाद भी हेलीकॉप्टर की एक भी उडान नहीं हुई है। पीपीपी मॉडल पर हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन करने वाली फर्म ने उद्घाटन के बाद कोहरे की वजह से हेलिकॉप्टर सेवाएं बंद रखीं थीं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स का कहना है कि हेलिकॉप्टर सेवा अयोध्या से शुरू होनी है। वहां से आगरा और मथुरा के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट होगी। अब ये कब शुरू होगी, इसकी जानकारी नहीं है। पीडब्ल्यूडी ने बनाया हेलीपोर्ट
योगी सरकार ने साल 2017-18 में आगरा में हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। जिस पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड (यमुना एक्सप्रेस-वे) के पास गांव मदरा में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर 4.95 करोड़ रुपए में हेलीपैड बनाने का काम पीडब्ल्यूडी विभाग ने शुरू किया था। वृंदावन में भी हेलीपोर्ट का निर्माण हुआ। 2019 में पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास
9 जनवरी-2019 को आगरा के कोठी मीना बाजार मैदान की जनसभा से PM मोदी ने हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट का विधिवत शिलान्यास किया था। ये हेलीपोर्ट अक्टूबर-2020 में बनना था। वर्ष 2021 में नया एस्टीमेट 4.95 करोड़ रुपए से बढ़कर 7.9 करोड़ का भेजा गया था। मगर, कोरोना संक्रमण के चलते हेलीपोर्ट बनाने का काम रुका। फिर विभाग के बजट मांगने पर योगी सरकार ने आगरा हेलीपोर्ट और मथुरा के वृंदावन में हेलीपोर्ट से हेलिकॉप्टर सेवा का संचालन पीपीपी मॉडल करने करने घोषणा कीं। 30 साल का फर्म से करार
योगी सरकार से हुए करार के मुताबिक हेलीपोर्ट पर पुलिस थाना और चौकी की व्यवस्था संबंधित फर्म को करनी है। फर्म को ही हेलीपोर्ट की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल का खर्चा देना है। हेलीपोर्ट से सेवा शुरू करने के एवज में फर्म हर साल 25 लाख रुपए पर्यटन विभाग को देगी। फर्म के साथ योगी सरकार ने 30 साल के लिए हेलीपोर्ट लीज पर देने का करार किया है. करार को आगे 30 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। एक नजर आगरा के हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट पर
5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनाया जा रहा है हेलीपोर्ट।
4.5 करोड रुपए का बजट अब तक जारी किया गया है।
7.9 करोड़ रुपए का रिवाइज्ड एस्टीमेट बनाकर भेजा था।
एक हेलीपैड व हेलीकॉप्टर खड़े करने के लिए दो हैंगर बने।
एडीए और यूपीडा ने हेलीपोर्ट बनाने के लिए जमीन दी है।


