लखनऊ में बाघ का खौफ…अफसर गन तक नहीं उठा पाए:सामने से दहाड़ता हुआ निकल गया; 20 गांवों के लोग घरों में कैद

लखनऊ के काकोरी में 24 दिन से बाघ दहाड़ रहा है। वन विभाग की टीम भी दहशत में है। सोमवार शाम को बाघ वन विभाग के मचान के पास आ गया। अफसरों के सामने ही उसने पिंजड़े के पास बंधे भैंस के बच्चे (पड़वा) का शिकार किया, मगर मचान पर बैठे अफसर कुछ नहीं कर पाए। अफसर इतने डर गए कि ट्रैंकुलाइज गन तक नहीं उठा सके। बाघ दहाड़ता हुआ जंगल में चला गया। अफसर सिर्फ शोर मचाते रह गए। फिलहाल, 20 गांवों के लोग बाघ के डर से घरों में कैद हैं। अकेले बाहर नहीं निकलते हैं। DFO बोले- टीम ने शोर मचाया तो पड़वे को छोड़कर भागा बाघ
DFO डॉ. सितांशु पांडेय ने बताया- कानपुर प्राणी उद्यान के डॉ. नसीर टीम के साथ संस्थान में बने मचान पर बैठे थे। पिंजड़े के पास पड़वा बंधा था। सोमवार रात 7:30 पड़वा के चीखने की आवाज सुनी। टीम ने देखा तो बाघ पड़वा को खींचता हुआ ले जा रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो बाघ पड़वा को छोड़कर भाग गया। इसके बाद बाघ मीठे नगर के जंगल में गया। गांव में जाने वाली सड़क के पास रखे मृत सांड को 10 मीटर जंगल में खींच करके ले गया, जिसे मंगलवार को वापस जंगल से बाहर रखा गया। अब पढ़िए लोगों ने क्या कहा…. ​​​​उलरापुर के ग्रामीणों ने बताया- बेहता नाले के किनारे खेतों में अक्सर बाघ दिखता है। पग चिह्न भी मिलते हैं, लेकिन वन विभाग ने यहां पर अब तक ट्रैप कैमरे नहीं लगाए, न ही पिंजड़ा लगाया है। बेहता नाले के पास वन विभाग सही से ऑपरेशन चलाए तो बाघ को पकड़ा जा सकता है। वन विभाग की टीम आती तक नहीं
कैलाशा ने कहा- बेटे मजदूरी के लिए बाहर जाते हैं। जब तक घर वापस नहीं आ जाते, चिंता लगी रहती है। गांव के लोग 7 बजे तक अधिकतर काम निपटा लेते हैं। रात में किसी काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। वन विभाग की टीम भी नहीं के बराबर आती है। रात में कोई भी सुध नहीं लेता है। खेत जाना छोड़ दिया
बुजुर्ग बुद्धा ने बताया- जबसे बाघ देखा गया है। तब से दहशत बढ़ गई है। पशुओं के चारे के लिए जंगल और खेत में जाते थे। बाघ की दहशत से अब कोई खेत की ओर नहीं जाता है। बच्चे बाहर आते-जाते हैं। डर लगा रहता है। वन विभाग अस्थायी चौकी बनाए
संतोष ने बताया-अगर वन विभाग गांव में एक अस्थायी चौकी बना दे। एक टीम भी रुकना शुरू कर दे तो खतरा कम हो जाए। साथ ही टीम टाइगर के दिखने पर जल्द एक्शन भी ले सकेगी। खतरा बना रहता है
​​​​​रंजीत ने बताया कि बाघ की दहशत से सब चौपट हो गया है। खेती नहीं हो पा रही है। वन विभाग वाले भी लापरवाही कर रहे हैं। गांव बिल्कुल जंगल के बीच है। हर समय खतरा बना रहता है। सब भगवान भरोसे है। सुबह और रात के समय निकल रहा
वन विभाग की टीम का कहना है- बाघ CISH फार्म में छिपा है। कर्मचारियों को भी फार्म में नहीं जाने दिया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि अब तक बाघ को सुबह और शाम के समय ही देखा गया है। सुबह खेतों में काम करने गए ग्रामीणों ने बताया कि बाघ सुबह और शाम को बेहता नाले के पास देखा गया है। लोगों को देखते ही वह भाग जाता है। 24 दिन से बाघ को पकड़ने की कोशिश
24 दिन से रहमानखेड़ा और आस-पास के गांवों में बाघ का डर बना हुआ है। वन विभाग की 5 टीमें बाघ को पकड़ने की कोशिश में लगी हुई है। कर्मचारी लाठी-डंडे, सुतली और बुलेट बम के सहारे कॉम्बिंग कर रहे हैं। मूवमेंट कैप्चर करने के लिए 15 ट्रैप कैमरे और दो कैचिंग केज लगाए गए हैं। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें लखनऊ में CISH में मचान के पास पहुंचा बाघ:वन विभाग की टीम देखती रही, सांड को जंगल में खींच ले गया लखनऊ के काकोरी ब्लॉक में बाघ की दहशत बीते 23 दिन से बरकरार है। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) के चौथे ब्लॉक में बने मचान के पास बाघ के आने के बाद भी वन विभाग की टीम पकड़ नहीं सकी। भैंस के बच्चे (पड़वा) को मारने के बाद उलरापुर गांव के लोग डरे से घरों में कैद हो गए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर

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