आगर मालवा नगर के अचलेश्वर महादेव कमलकुण्डी मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन जारी है। सोमवार को कथा के दूसरे दिन शिव-पार्वती विवाह के पावन प्रसंग का वर्णन किया गया। इस दौरान कथावाचक पंडित शंकरस्वरूप व्यास ने दांपत्य जीवन की मर्यादाओं और आपसी विश्वास के महत्व को बड़ी गहराई से समझाया। पंडित व्यास बोले- विश्वास पर टिका है विवाह का पवित्र बंधन कथावाचक पंडित व्यास ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन या कोई सामाजिक परंपरा मात्र नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास पर टिका एक पवित्र बंधन है। उन्होंने शिव-पार्वती के उदाहरण से समझाया कि एक सुखी और आदर्श दांपत्य जीवन के लिए पति-पत्नी के बीच आपसी समझ, समर्पण और अटूट भरोसा होना अनिवार्य है। यदि विश्वास की नींव मजबूत है, तो गृहस्थ जीवन का हर संघर्ष आसान हो जाता है। रिश्तों में खटास का कारण बन रहा मोबाइल वर्तमान परिवेश पर प्रहार करते हुए कथावाचक ने कहा कि आज के दौर में तकनीक और मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हमारे पारिवारिक रिश्तों को खोखला कर रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि छोटे बच्चों का मोबाइल के प्रति बढ़ता आकर्षण उनके संस्कारों और पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। इसी कारण संयुक्त परिवार की परंपरा कमजोर हो रही है और आपसी संवाद खत्म होता जा रहा है। आरती में उमड़ी भीड़, कल होगा जन्मोत्सव कथा के अंत में भगवान की भव्य आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। आयोजन समिति ने बताया कि मंगलवार को कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाया जाएगा। श्रीराम जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में काफी उत्साह है और मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है।


