आजमगढ़ में 1 लाख के इनामी ने किया सरेंडर:6 साल से पुलिस और STF कर रही थी तलाश, 2019 में गवाह की गोली मारकर हत्या का आरोप

आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में हत्या के गवाह रामदुलार यादव की गोली मारकर हत्या के बाद सड़क दुर्घटना का रूप देने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों में अनिल यादव विलास यादव कमलेश यादव और नितेश यादव प्रमुख थे। इन सभी आरोपियों पर 18 जुलाई 2023 को जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने 25- 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जो बाद में बढ़कर 50000 हो गया। हाल ही में कमलेश यादव पर वाराणसी एडीजी ने यही नाम बढ़कर ₹100000 कर दिया था। आजमगढ़ जिले की पुलिस और एसटीएफ लगातार फरार आरोपी कमलेश यादव की तलाश कर रही थी। पर कमलेश यादव ना तो आजमगढ़ पुलिस की पकड़ में आया और ना ही उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स की पकड़ में आया। जिले की पुलिस और एसटीएफ हाथ मलती रह गई। ऐसे में जब आजमगढ़ जिले के पुलिस जिले में संत रविदास जयंती समारोह में व्यस्त थी। इसी बीच एक लाख के इनामी कमलेश यादव ने आजमगढ़ न्यायालय में सरेंडर कर दिया। जिले में एक लाख के इनामी ने भले ही सरेंडर कर दिया पर इस मामले की जानकारी ना तो पुलिस को हो पाई और ना ही जिले की सुरक्षा एजेंसियों को। इससे समझा जा सकता है कि जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती के साथ काम किया जा रहा है। मेहनगर थाने को लगा दूसरा बड़ा झटका मेहनगर थाने की पुलिस को 65 दिन के भीतर दूसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पूर्व 9 दिसंबर 2024 को बसपा नेता कमालुद्दीन हत्याकांड के आरोपी मुस्तफिज हसन उर्फ बाबू को मेहनगर थाने की पुलिस गुजरात से गिरफ्तार करके ला रही थी। इसी बीच आरोपी मुस्तफिज पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी मुस्तफिज को फरार हुए भले ही दो महीने से अधिक का समय हो चुका है। पर ना ही थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई और ना ही किसी सिपाही पर कार्रवाई की गई। 2 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। मुस्तफिज पर 15 फरवरी 2021 में बसपा नेता रहे कमालुद्दीन हत्याकांड में शामिल रहने का आरोप है।

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