IIT स्टूडेंट के पिता बोले भूखे सोता था बेटा:आजमगढ़ के रहने वाले अंकित ने दो दिन पूर्व कानपुर में दी थी जान

कानपुर आईआईटी कैंपस के रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव ने 10 फरवरी की शाम को हॉस्टल के कमरे में लटक कर जान दे दी। रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के अंबारी के रहने वाले थे।। सुसाइड की सूचना आईआईटी प्रशासन ने मृतक स्कॉलर के पिता रामसूरत यादव के साथ परिजनों की दी। मामले की सूचना मिलने के बाद कानपुर पहुंचे परिजनों ने आईआईटी प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आईआईटी प्रशासन की लापरवाही और उत्पीड़न से तंग आकर बेटे ने जान दी है। 11 फरवरी को पोस्टमार्टम करा कर डेड बॉडी को आजमगढ़ लाया गया जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया। वही बेटे की मौत से पिता रामसूरत यादव टूट गए हैं। इसके साथ ही मां का भी रो-रो कर बुरा हाल है। मां और पिता एक ही स्वर में बस बार-बार एक ही बात कर रहे हैं कि आईआईटी प्रशासन के उत्पीड़न से बेटे ने जान दी है। पिता बोले बहुत परेशान करता था गाइड दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए मृतक लड़के अंकित यादव के पिता राम सूरत यादव ने बताया कि कक्षा 2 से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा नोएडा से कराई गई। इसके बाद बेटे की रुचि रिसर्च की थी ऐसे में उसका एडमिशन कानपुर कराया गया जहां बेटे का गाइड डॉक्टर पार्श्व रथा सारथी था। जिसने मेरे बेटे का बहुत उत्पीड़न किया। पिता राम सूरत यादव जो कि गुड़गांव में नौकरी करते हैं ने बताया कि सुबह 8:00 बजे बिना ब्रेकफास्ट के बुला लेता था। इसके बाद डर के कारण मेरा बेटा बिना ब्रेकफास्ट के ही चला जाता था दोपहर 2:00 बजे लौट के आता था तब तक मेस बंद हो जाता था। रात को भी 9:00 बजे छोड़ना था। 2 किलोमीटर बेटा साइकिल चला कर आता था जब तक रात में बेटा कैंपस आता था तब तक मेस भी बंद हो जाता था। 2024 में पीएचडी स्कॉलर के रूप में बेटे का एडमिशन कराया था। ऐसे में 24 घंटे में सिर्फ लंच ही मिलता था और भूखे सो जाता था। पिता का कहना है कि जो भी बच्चे पानी पीने बाथरूम करने जाते थे उन्हें भी बार-बार जलील किया जाता था। इस कारण सभी बच्चे परेशान थे। बहुत डाटता था गाइड पिता राम सूरत यादव ने बताया कि बेटे का जो गाइड था वह बहुत डरता था लाइफ में भी डरता था इसके साथ ही जो सीसीटीवी लगी थी उसमें वॉइस रिकॉर्डर भी लगाया गया था जो कि नियम के विरुद्ध था। बच्चों को डराया और धमकाया जाता था। मेरे बेटे को 12 फरवरी को नोएडा जाना था इसका टिकट भी मंगा लिया था और 16 तारीख को वापसी का टिकट भी कर लिया गया था। हॉस्टल में होने वाले सारे उत्पीड़न के बारे में मेरा बेटा मां को जानकारी देता था। आरोपी गाइड लगातार करियर बर्बाद करने की धमकी देता था। पिता का कहना है कि मेरे बेटे को ऐसा राक्षस मिला था। जिसने मेरे बेटे की जिंदगी छीन ली। वही मामले की सूचना मिलने पर आसपास के बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। अपने सुसाइड नोट में अंकित यादव ने लिखा कि मैं क्यूट कर रहा हूं इसमें कोई इंवॉल्व नहीं है। यह मेरा अपना निर्णय है।

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