आजादी के बाद पहली बार बैगा महिला को टिकट:कवर्धा जिला पंचायत सदस्य के लिए कांग्रेस ने बनाया प्रत्याशी

कबीरधाम जिले के केसदा गांव की रहने वाली जगनी कामू बैगा कांग्रेस पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रत्याशी घोषित किया है। यह न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे बैगा जनजातीय समाज की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पल है। आजादी के बाद पहली बार किसी राजनीतिक दल ने बैगा समाज की महिला को इस पद के लिए टिकट दिया है। बैगा समाज की राजनीतिक भागीदारी सीमित रही जगनी कामू बैगा की उम्मीदवारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बैगा समाज की राजनीतिक भागीदारी सीमित रही है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। जगनी कामू बैगा ने बीए की डिग्री प्राप्त की, जो पारंपरिक आदिवासी समाज में लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता न दिए जाने की धारणा को चुनौती देती है। उनके पति कामू बैगा ने हमेशा उनका समर्थन किया, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। बैगा जनजाति के बारे में जानिए बैगा जनजाति छत्तीसगढ़ राज्य की एक विशेष पिछड़ी जनजाति है। संस्थानों के द्वारा वर्ष 2015 में किए गए आधारभूत सर्वेक्षण के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में इनकी कुल जनसंख्या 88317 है। जिसमें 44402 पुरुष तथा 43915 महिलाएं हैं। इनमें स्त्री पुरुष लिंगानुपात 989 है। सर्वेक्षण अनुसार इनकी साक्षरता डॉ 53.97% है। जिसमें पुरुष साक्षरता दर 60.78% और स्त्री साक्षरता दर 47.10% है। बैगा जनजाति छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य क्षेत्र में निवासरत है। मुख्य रूप से कबीरधाम जिले के बोडला, पण्डरिया विकासखंड, बिलासपुर जिले के कोटा और तखतपुर विकासखंड, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड, कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़, खंडगवां और भरतपुर विकासखंड, राजनांदगांव जिले के छुइखदान विकासखंड और लोरमी विकासखंड के ग्रामों में निवासरत है। इनकी सर्वाधिक जनसंख्या कबीरधाम और कोरिया जिले में पाई जाती है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *