डिंडौरी में रविवार को आजाद अध्यापक संघ के शिक्षकों ने बिरसा मुंडा ग्राउंड में एक सभा की। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय की परिक्रमा की और मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार शशांक शिंदे को 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। संघ की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली और ई-अटेंडेंस प्रणाली को बंद करना शामिल है। आजाद अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष ने बताया कि उनकी अन्य मांगों में अध्यापक शिक्षक संवर्ग को पहली नियुक्ति दिनांक से क्रमोन्नति और समयमान वेतन का लाभ देना, पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाशों का नगद भुगतान, तथा केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर आठवां वेतनमान प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, एनपीएस धारक कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली, आश्रित परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति, गुरुजियों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता, और जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग भी की गई है। सितंबर 2022 की हड़ताल अवधि के वेतन का भुगतान और रिक्त पदों पर 50 प्रतिशत पदोन्नति भी ज्ञापन में शामिल है। संघ ने तीन संतान वाले कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यवाही से मुक्ति, कैशलेस मेडिकल क्लेम की सुविधा, प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षकों को उसी विभाग में मर्ज करने, और सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करके ग्रेच्युटी का भुगतान करने की मांग की है। तीन हजार और पांच हजार रुपए का भुगतान ले रहे शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षक का न्यूनतम वेतन देने, अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तरह सुविधाएं प्रदान करने, मिडिल स्कूलों में विज्ञान के शिक्षक का पद अनिवार्य करने, तथा 56 वर्ष से अधिक उम्र वाले प्राचार्य, व्याख्याता, उच्च माध्यमिक शिक्षक और हेड मास्टर को प्रतिनियुक्ति से मुक्त करने की मांग भी ज्ञापन में है। शिक्षकों ने सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने, कार्यालय में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की तरह शनिवार की छुट्टी या अर्जित अवकाश देने, स्वैच्छिक स्थानांतरण की सुविधा, आहरण वितरण अधिकारी द्वारा पांच वर्ष का सीआर मैनी करने, और नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से 100 प्रतिशत वेतन देने की मांग भी उठाई है।


