सलूम्बर पुलिस ने 24 वर्षों से फरार चल रहे आजीवन कारावास से दंडित अपराधी पदीया मीणा को गिरफ्तार किया है। पदीया मीणा वर्ष 2002 में उप कारागृह सलूम्बर से फरार हो गया था और वर्तमान में पैरोल से भी भागा हुआ था। पहचान बदलकर मारवाड़ क्षेत्र में रहा अभियुक्त लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर मारवाड़ क्षेत्र में रह रहा था। गुप्त सूचना मिलने पर सलूम्बर साइबर सेल के कांस्टेबल हेमेन्द्र सिंह ने एक योजना बनाई। कांस्टेबल ने पंडित का वेश धारण कर भागवत कथा के आयोजन के बहाने स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों से संपर्क स्थापित किया। पंडित के वेश में हेमेन्द्र सिंह मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र पहुंचे और भागवत कथा कराने की बात कहकर स्थानीय लोगों का विश्वास जीता। इसी दौरान एक ठेकेदार के माध्यम से संदिग्ध व्यक्ति को बुलवाया गया। बातचीत के दौरान उसकी पहचान पदीया मीणा के रूप में सुनिश्चित होते ही पुलिस की योजना सफल होती दिखी। पत्थर फेंककर हमला करने का प्रयास किया पहचान उजागर होते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। कांस्टेबल हेमेन्द्र सिंह ने बिना किसी पुलिस सहायता के करीब 2 किलोमीटर तक उसका पीछा किया। भागते समय अभियुक्त ने पत्थर फेंककर हमला करने का प्रयास किया। कांस्टेबल ने करीब 10 फीट ऊंची दीवार कूदकर पीछा जारी रखा और अंततः संघर्ष के बाद अकेले ही अभियुक्त को काबू में कर लिया। पदीया मीणा के खिलाफ थाना सूरजपोल, जिला उदयपुर सहित कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।


