कोटा मे पिछले एक सप्ताह से वाहन फिटनेस जांच बंद है। इस कारण गाड़ी मालिक परेशान हो रहे है। उन्हें 90 किमी का चक्कर काट फिटनेस के लिए झालावाड़ जाना पड़ रहा है। जिससे उनके आर्थिक नुकसान हो रहा है, ओर समय भी खराब हो रहा है। कोटा में रोज 35-50 वाहन फिटनेस के लिए आते है। जानकारी के अनुसार पहले कोटा में परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस के लिए आदिनाथ फिटनेस सेंटर को अधिकृत था। 6-7 महीने पहले इस सेंटर के बंद होने पर परिवहन विभाग में वाहनों की फिटनेस जांच की जा रही थी। अब एक सप्ताह से परिवहन विभाग में भी फिटनेस जांच बंद हो गई। मजबूरन गाड़ी मालिकों को कोटा से झालावाड़ जाना पड़ रहा। गाड़ी मालिकों का कहना है कमर्शियल व 6 सीटर से ऊपर की गाड़ियों की फिटनेस जांच के लिए इन दिनों काफी परेशानी हो रही है। झालावाड़ आने जाने में (पेट्रोल डीजल व टोल) करीब 3 से 5 हजार का आर्थिक भार पड़ रहा है। साथ समय भी खर्च हो रहा है। टोल देना पड़ रहा है। इस कारण उनके आर्थिक नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ी समस्या- एक ओर तो कोटा में फिटनेस नहीं बन रहा दूसरी ओर फिटनेस के चालान काटे जा रहे है। गाड़ी मालिकों का कहना है या तो कोटा में फिटनेस सेंटर खुले या चालान बनाना बंद हो। कोटा RTO मनीष शर्मा ने बताया की हाईकोर्ट का डिसीजन आया है। अब सारे फिटनेस सेंटर ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में कन्वर्ट हो रहे है। पिछले 7-8 दिन से कोटा में फिटनेस जांच बंद है। कोटा के वाहन मालिक फिटनेस के लिए आसपास के जिले में जहां सेंटर चल रहा है वहां करवा सकते है। अभी ज्यादातर वाहन मालिक झालावाड़ जा रहे है। झालावाड़ में पुराना फिटनेस सेंटर है जो अप्रैल तक चलेगा।अप्रैल के बाद से सभी सेंटर ATS से चलेंगे। कोटा में इसी महीने लास्ट तक प्री रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (PRC) जारी हो सकती है।


