आज देहात के नेताओं से मिलेंगे पर्यवेक्षक:शहर व देहात अध्यक्ष के लिए कांग्रेस में गुटबाजी तेज, पर्यवेक्षक के सामने लॉबिंग की कोशिश

कांग्रेस के सृजन संगठन कार्यक्रम के तहत इस बार अध्यक्षों को बदलने की तैयारी की जा रही है। इस बदलाव का एक आधार सोशल मीडिया पर दावेदार की स्वीकार्यता भी है। दावेदारों से जो फॉर्म भरवाया गया है, उसमें सोशल मीडिया एकाउंट्स की डिटेल भी मांगी गई है। देखा जाएगा कि कितने लोग उन्हें फॉलो कर रहे हैं और किस तरह की पोस्ट समय-समय पर डाली गई है। उधर, पर्यवेक्षक राजेश लीलोठिया सोमवार को देहात क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर सक्रियता भी आधार बीकानेर के सर्किट हाउस में पर्यवेक्षक न सिर्फ कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं, बल्कि उन्हें एक फॉर्म भी दे रहे हैं। जिसमें सामान्य जानकारी के साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक एकाउंट और एक्स की डिटेल ली जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर पकड़ को भी अध्यक्ष बनाने का आधार माना जाएगा। इसके अलावा पिछले वर्षों में दावेदार ने कितने चुनाव लड़े हैं और इन चुनावों में उसे कितने प्रतिशत मत मिले? इसकी भी डिटेल ली जा रही है। सरकारी सेवा में रह चुके दावेदारों से उनके पद और कार्यकाल के बारे में जानकारी ली जा रही है। इतना ही नहीं राजनीतिक पदों की सूचना भी ली जा रही है। सौ कार्यकर्ताओं के नाम इसके साथ ही पार्टी ने प्रत्येक दावेदार से सौ कार्यकर्ताओं के नाम लिए हैं। पर्यवेक्षक को फॉर्म के साथ ही समर्थकों के नाम के साथ उनके मोबाइल नंबर भी दिए जा रहे हैं। पर्यवेक्षक और उनकी टीम इन लोगों को फोन कर सकती है। बुद्धिजीवी वर्ग से वार्ता इसके अलावा पर्यवेक्षक बीकानेर शहर के बुद्धिजीवी वर्ग के साथ भी एक बैठक करेंगे। इसमें साहित्यकार, शिक्षक, पत्रकार और वकीलों को शामिल किया गया है। हर वर्ग से पांच-छह लोगों को बुलाया जाएगा। एक जनरल मीटिंग में इस वर्ग की राय भी महत्वपूर्ण रहेगी। डूडी के जाने से एक खेमा निराश पिछले दिनों कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी के निधन से एक खेमा निराश है। वर्तमान देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग रविवार को सर्किट हाउस में दिनभर रहे लेकिन उनके चेहरे पर गम साफ झलक रहा था। डूडी समर्थक बिशनाराम के साथ है और उनके महज दाे साल के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की वकालात कर रहे हैं। देहात में ये लगा रहे हैं जोर देहात अध्यक्ष बनने के लिए वैसे तो स्वयं बिशनाराम सियाग का नाम चर्चा में सबसे आगे है। इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा, पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल, शिवलाल गोदारा, रामनिवास कूकणा के नाम भी शामिल है। शहर में ये नाम चर्चा में उधर, बीकानेर शहर में कई नाम चर्चा में है। पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला भी दौड़ में है। रविवार को कल्ला के समर्थकों ने पर्यवेक्षक से मिलकर अनिल के लिए पैरवी की। वहीं सचिन पायलट गुट से आने वाले अरुण व्यास भी अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं। खुद व्यास तो मौके पर नहीं आए लेकिन उनके समर्थकों ने आवेदन किया है। पूर्व निगम मेयर मकसूद अहमद ने अल्पसंख्यक वर्ग से अपना दावा रखा है। मकसूद के अलावा हारुन राठौड़ ने भी दावा पेश किया है। शहर कार्यकारिणी में अर्से से काम कर रहे रवि पुरोहित ने भी मजबूती से अपना दावा रखा है।

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