राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में चल रहे शीतकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। समारोह में आयोग के सदस्य अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि आयोग राज्य में मानव अधिकारों की रक्षा के लिए निगरानी संस्था के रूप में कार्य करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयासरत है। आदर्श नागरिक बनने के लिए संविधान में उल्लेखित मौलिक कर्तव्यों का पालन करना जरूरी है। आईजी (राज्य मानवाधिकार आयोग) हिंगलाजदान ने कहा कि किसी भी पेशे में सफल होने के लिए व्यक्ति का भावनात्मक रूप से सुदृढ़ होना और सही सोच व संतुलित दृष्टिकोण रखना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने ‘मृत्युदंड मानव अधिकारों का उल्लंघन है या नहीं’, ‘समकालीन समय में यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (UDHR) की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता’ तथा ‘मानव अधिकार अधिनियम 1993 को 2019 में किए गए संशोधनों से किस हद तक अधिक प्रभावी बनाया गया है’ आदि विषयों पर पक्ष और विपक्ष में तर्कपूर्ण प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में 35 विधि विद्यार्थियों ने भाग लिया।


