राजधानी रांची में बिजली की आंख-मिचौनी से आम लोग ही नहीं, खास लोग भी परेशान हैं। सोमवार को राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा हिंदपीढ़ी में आदिवासी मैदान के पास एक भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। इस भवन में एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए नि:शुल्क कोचिंग शुरू होने वाली है। मगर बारिश के कारण बिजली गुल हो गई। पूरा भवन अंधकार में डूब गया। मंत्री निरीक्षण नहीं कर पाए। अंधेरे और गर्मी के कारण वे बरामदे में बैठे रहे। काफी देर बिजली नहीं आई तो मंत्री ने अपने सहायकों से बिजली विभाग के इंजीनियरों को सूचना देने को कहा। पता चला कि बारिश के कारण लोकल फॉल्ट से बिजली गुल हुई है। करीब एक घंटे बाद बिजली बहाल हुई। लेकिन मंत्री नाराज होकर बिना निरीक्षण के ही लौट गए। उधर, बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। डॉ. कामिल बुल्के पथ पर एक्सआईएसएस के पास एक बड़ा पेड़ तार पर गिर गया। इससे तार टूट गया। बिजली गुल हुई और सड़क भी पूरी तरह बंद हो गया। घंटों मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर सड़क से हटाया गया। देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश जारी थी। 11 केवी काली मंदिर फीडर से भी घंटों तक बिजली गुल रही। वहीं लोकल फॉल्ट के कारण कोकर के बड़े इलाके में भी सुबह 10 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे कोकर सुंदर विहार, तिरिल रोड और बैंक कॉलोनी सहित कई इलाका प्रभावित रहा।


