खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने शनिवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इसे देखते हुए राजधानी के अधिकतर स्कूलों ने शनिवार को छुट्टी की घोषणा कर दी है। शहर के प्रमुख स्कूल सरला बिरला पब्लिक स्कूल, केरली धुर्वा, संत कोलंबस स्कूल, जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, लोयला कॉन्वेंट, बिशप वेस्टकॉट स्कूल, ब्रिजफोर्ड स्कूल, टेंडर हार्ट स्कूल, सेक्रेड हार्ट स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल हेहल, संत जेवियर्स स्कूल और अचार्यकुलम स्कूल समेत कई स्कूलों ने अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से स्कूलों में छुट्टी की सूचना दे दी है। इसके अलावा कई अन्य स्कूलों ने भी बंद रखने की घोषणा की है। बंद को लेकर आदिवासी संगठनों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई है। वहीं बंद समर्थकों से निपटने के लिए पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं। बंद के दौरान शहर के हर प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ताकि वे जबरन बंद न करा सके। वहीं आने-जाने वाले लोगों को बेवजह परेशान न कर सके। इस हत्या के विरोध में आठ जनवरी को खूंटी जिला बंद रखा गया था। लेकिन सभी हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर झारखंड बंद का आह्वान किया गया। इन संगठनों ने दिया समर्थन इस बंद को आदिवासी महासभा, आदिवासी जनपरिषद, आदिवासी समन्वय समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, केंद्रीय सरना समिति, संपूर्ण आदिवासी समाज, सोगोम तमाड़ समिति, एदेश सांगा पड़हा, संयुक्त बाइस पड़हा मुंडा, राजी पड़हा समिति, जिला परिषद अध्यक्ष मसीही गुड़िया, पड़हा समिति, आदिवासी अधिकार समिति, झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा, केंद्रीय महिला सरना समिति, आमया संगठन ने समर्थन दिया है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और झारखंड छात्र संघ ने भी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। बंद की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आदिवासी संगठनों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला। लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की। आदिवासी जनपरिषद के अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि सोमा मुंडा समाजसेवी के साथ 56 गांवों के पारंपरिक ‘एदेल संगा पड़हा राजा’ थे। उन्होंने जल-जंगल, जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। सात जनवरी को भू-माफिया ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, पर मुख्य साजिशकर्ता, शूटर और भू-माफिया अभी भी फरार है। यह आदिवासी समाज के लिए गंभीर चुनौती है। इसीलिए इन आरोपियों की गिरफ्ताारी के लिए झारखंड बंद का आह्वान किया गया है।


