डीडवाना के जसवंतगढ़ थाना क्षेत्र में तत्कालीन थानाधिकारी पर फायरिंग के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। लाडनूं के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के भाई रूपेंद्र पाल सिंह सहित मामले के सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला वर्ष 2016 का है। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 21 जुलाई 2016 को आनंदपाल सिंह, उसके भाई रूपेंद्र पाल सिंह और अन्य आरोपी सांवराद गांव के पास डकैती की योजना बना रहे थे। जसवंतगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिलने पर जब टीम मौके पर पहुंची, तो आरोपियों ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी। इस घटना में तत्कालीन थानाधिकारी लादूसिंह गोली लगने से घायल हो गए थे, जबकि सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष ने कुल 27 गवाह पेश किए और 62 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। लंबी सुनवाई के बाद, लाडनूं के अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मो. आरिफ खान चायल ने साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के भाई रूपेंद्र पाल सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया। इस मामले में आरोपियों की ओर से एडवोकेट जयवीर सिंह दुजार ने पैरवी की, जबकि रूपेंद्र पाल सिंह की पत्नी सुमन कंवर भी मामले की पैरवी में शामिल रहीं।


