डीग जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने मंगलवार को ग्राम पंचायत शीशवाड़ा में आयोजित ‘ग्रामीण समस्या समाधान शिविर’ का औचक निरीक्षण किया।
यह शिविर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन को गांवों तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से लगाया गया था। कलेक्टर ने विभिन्न विभागीय काउंटरों पर जाकर कार्यों की प्रगति जांची और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी सहमति से बंटवारा, नामान्तरण और ‘कोर्ट कुरेजात’ (न्यायालय के निर्णयों/डिक्री की राजस्व रिकॉर्ड में अमलदरामद) से संबंधित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में आयोजित शिविरों के सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यों का निरीक्षण करते हुए, कलेक्टर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी पेंशनधारियों का शत-प्रतिशत वार्षिक भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य पात्र व्यक्तियों की पेंशन जारी रखना और अपात्रों की पहचान करना है। चिकित्सा विभाग के डेस्क पर कलेक्टर ने उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिविर में की जा रही बीमारियों की स्क्रीनिंग और जांच के बारे में पूछा। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों के मद्देनजर पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों को पशुओं में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए निर्धारित टीकाकरण के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि शिविर केवल औपचारिकता नहीं होने चाहिए, बल्कि धरातल पर समस्याओं का समाधान दिखना चाहिए।


