भास्कर न्यूज | बारां जिले के सभी ब्लॉक के उप जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी के एक-एक चिकित्सा अधिकारी व दो-दो नर्सिंग ऑफिसर को शहीद राजमल मीणा जिला अस्पताल एमसीएच यूनिट में सीपीआर और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया। सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि बुधवार को अंता, छबड़ा, छीपाबड़ौद ब्लॉक के उप जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सकों व नर्सिंग ऑफिसर को फिजिशियन डॉ. नीरज नागर, मेडिसीन डॉ. नीरज मीणा और निश्चेतक डॉ. ओपी नागर ने प्रशिक्षण दिया। वहीं गुरुवार को मांगरोल, अटरू, किशनगंज व शाहाबाद के उप जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सकों व नर्सिंग ऑफिसर को फिजिशियन डॉ. नीरज नागर, मेडिसीन डॉ. नीरज मीणा और निश्चेतक डॉ. गरिमा गोयल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) मास्टर ट्रेनर ने प्रशिक्षण दिया। सीएमएचओ डॉ. सक्सेना ने बताया कि प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ब्लॉकों के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को सीपीआर की तकनीकी जानकारी दी। साथ ही बताया कि यह तकनीक जीवन रक्षक साबित हो सकती है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान चिकित्सकों को दिल का दौरा, असमय सांस रुक जाने या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में किस प्रकार से सीपीआर दिया जाता है, इसकी पूरी जानकारी दी। इसके साथ ही व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे चिकित्सकों ने सीपीआर तकनीक को बेहतर तरीके से समझा। इस प्रशिक्षण के बाद चिकित्सकों ने अपने-अपने ब्लॉकों में इसे लागू करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस विषय में जागरूक करने का संकल्प लिया। जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बुनियादी चिकित्सा कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. ने कहा कि सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) और प्राथमिक चिकित्सा ( फर्स्ट एड) के महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रकार के प्रशिक्षण से जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। सीपीआर मास्टर ट्रेनर ने चिकित्सकों को आपातकालीन स्थितियों में दिल का दौरा या सांस रुकने जैसी समस्याओं के दौरान तत्काल सीपीआर कैसे दिया जाता है, इसकी पूरी जानकारी दी। इस प्रशिक्षण में चिकित्सकों को सिद्धांत और व्यावहारिक दोनों तरह से सीपीआर देने की तकनीक सिखाई गई।


