भास्कर न्यूज | छीपाबड़ौद कस्बे की मुख्य सड़क इन दिनों अव्यवस्थाओं का केंद्र बनी हुई है। दिनभर लगने वाले जाम, सड़क किनारे खड़े वाहनों, मवेशियों के झुंड और अनाधिकृत अतिक्रमण के कारण आमजन का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और प्रशासन इस समस्या से बेखबर नजर आ रहे हैं। मुख्य सड़क पर मंगलवार को साप्ताहिक बाजार लगने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। सड़क के दोनों ओर ठेले, पाल-पर्दे और दुकानों के कारण रास्ता संकरा हो जाता है। ऐसे में महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों को सड़क पार करने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार वाहन रुकने से लंबा जाम लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी सरकारी पुलिया क्षेत्र में देखने को मिलती है। यहां पंचायत प्रशासन की अनदेखी के चलते व्यापारी सड़क पर ही सामान सजाकर बैठ जाते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है और वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मुख्य सड़क मार्ग पर पेट्रोल पंप, विशिष्ट लहसुन मंडी, उपखंड एवं तहसील कार्यालय, न्यायालय, जलदाय विभाग का सहायक अभियंता कार्यालय, स्कूल, बस स्टैंड, थाना, सरकारी अस्पताल सहित कई सरकारी कार्यालय संचालित हैं। इन कार्यालयों में रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है, जिससे पूरे दिन यातायात का दबाव बना रहता है। सड़क पर जगह-जगह मवेशियों के झुंड और लावारिस खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण दोपहिया वाहन चालक और राहगीर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। कई बार खड़े वाहनों से टकराव की स्थिति में विवाद और मारपीट तक की नौबत आ जाती है, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद पुलिस व प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि पुलिस एवं प्रशासन इस मुख्य सड़क से अनाधिकृत अतिक्रमण हटवाए, लावारिस खड़े वाहनों पर कार्रवाई करे और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


