आप का राजस्थान में पंचायत, वार्ड स्तर तक जनसंपर्क अभियान:पार्टी का दावा: ‘हमें सत्ता नहीं, जनता का भरोसा चाहिए’

आम आदमी पार्टी (आप) राजस्थान में पंचायत और वार्ड स्तर तक जनसंपर्क अभियान चला रही है। ब्यावर में पार्टी नेताओं ने कहा है कि उनका लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता का भरोसा जीतना है। आप साफ और ईमानदार मुद्दों पर आधारित राजनीति करने का दावा कर रही है। पार्टी के अनुसार, इस अभियान के केंद्र में आमजन से जुड़े बुनियादी सवाल हैं। इनमें हर परिवार को बिजली और पानी में राहत, युवाओं को रोजगार, सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारना, पेपर लीक पर सख्त रोक और सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए बेहतर इलाज शामिल हैं। पार्टी नेताओं ने बताया कि “डिग्री नहीं, नौकरी” और “मेहनत का हक, सिफारिश नहीं” जैसे नारों के साथ युवाओं और छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया जा रहा है। आप ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त की है। पार्टी का आरोप है कि देश और प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उनके अनुसार, जब सवाल पूछना गुनाह बन जाए और सवाल करने वालों को चुप करा दिया जाए, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि आज सच्चाई बोलने वाला अक्सर अकेला नजर आता है, क्योंकि सत्ता को सवाल नहीं, शोर पसंद है। उनका मानना है कि चुनाव मुद्दों पर नहीं, बल्कि माहौल बिगाड़ने की राजनीति पर जीते जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने देश की संपत्तियों के कुछ गिने-चुने लोगों के हाथों में सिमटने पर भी चिंता जताई। उन्होंने नदियों के निजीकरण से लेकर हवा पर टैक्स जैसी चर्चाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। पार्टी का कहना है कि कागजों में नागरिक होने के बावजूद आम आदमी को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। धर्म के नाम पर वोट मांगने की राजनीति पर निशाना साधते हुए पार्टी ने कहा कि वोट काम के नाम पर मांगे जाने चाहिए। आम आदमी पार्टी का दावा है कि वह देश की एकमात्र पार्टी है जो “काम देखो, फिर वोट दो” की राजनीति करती है। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे गारंटी देकर चुनाव लड़ते हैं और गारंटी पूरी करके दिखाते हैं। अंत में पार्टी ने जनता से आह्वान किया कि अब वक्त ईमानदार राजनीति का है और आम आदमी पार्टी को मौका देने का है, ताकि लोकतंत्र, जवाबदेही और जनहित की राजनीति को मजबूत किया जा सके।

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