आप ही तय कीजिए:जंगल के सीने पर ये घाव हैं या विकास की लकीर

आसमान से देखने पर यह सड़क नहीं, बल्कि जंगल के सीने पर खिंची एक लाल लकीर दिखाई देती है। भोपाल से कानपुर को जोड़ने वाले फोरलेन हाईवे के निर्माण ने सागर व छतरपुर जिलों के घने जंगलों को बीच से चीर दिया है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 269.34 एकड़ वन भूमि साफ की गई, जिसमें 25,377 हरे-भरे पेड़ काटे गए। भोपाल–कानपुर फोरलेन; 25,377 पेड़ कटे, 270 एकड़ वन भूमि साफ …इधर, पौधरोपण के लिए 27 करोड़ जमा, पर काम शुरू नहीं सबसे अधिक कटाई शाहगढ़, हीरापुर बायपास, मोहारी और साठिया घाटी जैसे सघन वन क्षेत्रों में हुई। वन विभाग के अनुसार, इसमें 197.66 एकड़ वन भूमि सागर उत्तर वन मंडल और 72.93 एकड़ भूमि छतरपुर वन मंडल की है। जहां कभी पेड़ों की छाया और हरियाली थी, वहां अब लाल मिट्टी की खुली पट्टी नजर आती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 5 जुलाई 2024 को दी रिपोर्ट में कहा कि कटाई की भरपाई के लिए 543.63 एकड़ में पौधरोपण किया जाएगा। इसमें शाहगढ़ और बकस्वाहा रेंज शामिल हैं। बकस्वाहा रेंज के रेंजर लव प्रताप सिंह का कहना है कि पौधरोपण का काम अभी शुरू नहीं किया गया है। जमीन पर अब तक हरियाली नहीं… पौधरोपण के लिए एनएचएआई ने वन विभाग की कैंपा मद में करीब 27 करोड़ रुपए भी जमा कर दिए हैं। सागर उत्तर वन मंडल को 19.54 करोड़ और छतरपुर वन मंडल को 8.34 करोड़ रु. का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक पौधरोपण शुरू नहीं हुआ।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *