शहर के वार्ड नंबर 58 में प्रस्तावित बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर स्थानीय निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में वार्डवासियों ने भाजपा नेता राजेश बाबल और कमल कांत शर्मा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस प्लांट को आबादी क्षेत्र से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और एक निजी कंपनी के बीच हुआ यह समझौता (MoU) न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है। ज्ञापन में बताया गया कि नगर परिषद झुंझुनू और Instromedix (India) Pvt. Ltd. के बीच एक एमओयू हुआ है। इसके तहत खसरा नंबर 201 की भूमि, जो पहले से ही ‘ठोस कचरा प्रबंधन’ (Solid Waste Management) के नाम पर दर्ज है, उसे निजी कंपनी को बायो-मेडिकल वेस्ट प्लांट के लिए दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक ही भूमि का दोहरा उपयोग तकनीकी और कानूनी रूप से गलत है। 100 मीटर की दूरी पर है बस्ती है। वार्डवासियों ने प्लांट की लोकेशन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रस्तावित साइट वार्ड नंबर 58 की घनी आबादी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है। यह भूमि नेशनल हाईवे से भी केवल 100 मीटर दूर है। साथ ही यह क्रेशर जोन में स्थित है, जहाँ सैकड़ों मजदूर दिन-रात काम करते हैं और वहीं निवास करते हैं। बायो-मेडिकल वेस्ट से निकलने वाले हानिकारक बैक्टीरिया और गैसों से इलाके में गंभीर संक्रामक बीमारियाँ फैलने का अंदेशा जताया गया है। पर्यावरण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्थानीय निवासियों का तर्क है कि पर्यावरणीय नियमों के अनुसार, बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को शहर की मुख्य आबादी और रिहायशी इलाकों से काफी दूर स्थापित किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्लांट को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


