सिरोही के आबूरोड में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों ने एक संस्था पर लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने धर्म परिवर्तन की घटना से इनकार किया है। सीएनआई चर्च के इंचार्ज राजेश मेकवान ने बताया कि हर महीने एक प्रार्थना सभा होती है, जिसमें उपवास होता है। इसके लिए चर्च से जुड़े लोगों को बुलाया गया था। मामले की सूचना पर हिन्दू जागरण मंच, विश्व हिन्दू परिषद, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेलवे कॉलोनी स्थित धार्मिक स्थल पर पहुंचे और विरोध जताया। विवाद को लेकर दोनों पक्षों ने क्या कहा… हिंदू संगठन बोले- इलाज के बहाने बुलाया
मामले को लेकर हिंदू जागरण मंच के सच्चिदानंद झा ने पुलिस को शिकायत दी है। जिसमें बताया कि 4 फरवरी को करीब 70 आदिवासी पुरुष और महिलाओं को लाया गया और बहला फुसलाकर धर्मांतरण किया गया। सभी आदिवासी को कथित इलाज के बहाने बुलाया। यहां उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इस दौरान बीजेपी मंडल अध्यक्ष मनीष सिंघल, पार्षद अर्जुन सिंह, हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पदाधिकारी बोले- हर महीने होती है प्रार्थना सभा
वहीं मामले को लेकर सीएनआई चर्च के इंचार्ज राजेश मेकवान ने बताया-हर महीने एक प्रार्थना सभा होती है। जिसमें उपवास होता है। इसके लिए चर्च से जुड़े लोगों को बुलाया गया था। इस दौरान अन्य लोग भी आ गए। जिन्हें हमारी ओर से मना नहीं किया गया। हम किसी का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन नहीं करते हैं। ना ही हमारा ऐसा कोई उद्देश्य होता है। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। उनकी ओर से समझाइश की गई थी। थाना अधिकारी बोले- करीब 70 लोग थे
शहर थाना अधिकारी हरचंद देवासी ने बताया-दोपहर 12:30 बजे रेलवे ग्राउंड के पास स्थित एक धार्मिक स्थल पर धर्म परिवर्तन की सूचना मिली थी। सूचना पर मौके पर पहुंचे। जहां करीब 70 लोग मौके पर मौजूद थे। इसमें से अधिकतर आदिवासी पुरुष और महिलाएं थीं। ये सभी आबूरोड शहर, स्वरूपगंज और कोटड़ा के आसपास के थे। पूछताछ में सामने आया कि वह सिर्फ प्रार्थना सभा में शामिल होने आए हैं। उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया। सूचना पर तहसीलदार मंगलाराम मीणा मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। ——————
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