भास्कर न्यूज | जालंधर नकोदर रोड पर 8 बजे लाइट बंद होते ही दुकानें भी बंद हो गईं। इससे पहले सड़क पर वाहनों की संख्या भी कम हो गई थी। कई राहगीरा पैदल ही जाते नजर आए। वहीं मेन रोड की लाइटें बंद होने पर लोग घरों के बाहर बैठे थे। नकोदर रोड के मसाला विक्रेता पुरुषोत्तम लाल ने कहा कि वह रात में दस बजे तक दुकान खोलते हैं, लेकिन आज रात आठ बजे बंद कर दिया, लेकिन दुकान दो घंटे पहले बंद करने का कोई गम नहीं है। हमारे लिए देश पहले है। इसलिए दो घंटे पहले दुकान बंद करने से फर्क नहीं पड़ता है। रात 8.18 बजे मॉडल टाउन की पीपीआर मार्केट में रात में गुलजार रहती है, लेकिन ब्लैक आउट में पीपीआर मार्केट में अंधरा पसरा मिला। यहां पर रात में मार्केट में सन्नाटा पसरा मिला, और लोग सड़कें पर टहलते नजर आए। वहीं बटाला चौक पर भी अंधेरा पसरा मिला, और चीमा नगर को जाने वाली सड़क पर दुकानें बंद रही। मॉक ड्रिल के चलते जिले में ब्लैकआउट रहा। इस दौरान 8:00 बजे से लेकर 9:00 तक सभी लाइटें बंद रहीं। रात में लम्मा पिंड चौक और पठानकोट चौक की लाइट बंद रही, लेकिन वहां से गुजरने वाले वाहनों की लाइट बंद नहीं की गई। कुछ लोग इस दौरान वाहनों की लाइट जला कर जाते हुए दिखाई दिए। वही बड़े वा हनों जैसे कर चालक और ट्रक की लाइट भी जल रही थी। इस दौरान पुलिसकर्मी उन्हें जागरूक करते दिखाई दिए। वही इस दौरान चौक आम दिनों के मुकाबले खाली दिखाई दिया। आसपास की दुकान में हॉस्पिटल की लाइट भी बंद रखी गई। पहलगाम में आतंकी हमले और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद जालंधर में मॉक ड्रिल करते हुए रात 8 बजे पूरी तरह से ब्लैकआउट किया गया। जालंधर के सबसे व्यस्त लाडोवाली रोड से लेकर बीएसएफ चौक, पीएपी चौक, रामामंडी चौक, बीएमसी चौक पर मुख्य सड़कों की स्ट्रीट लाइटों को बंद किया गया और आम पब्लिक की तरफ से भी अपने घरों की लाइटों को बंद किया और लाडोवाली रोड, रामामंडी मुख्य बाजार भी रात 8 बजे शटडाउन हो गया। रात 8 बजे तक रामामंडी से जालंधर कैंट में एंट्री के लिए बने गुरबख्श द्वार पर भी पूरी तरह से लाइटिंग रही लेकिन जैसे ही 8 बजे तो सायरन बजने के साथ ही लाइटें बंद हो गईं और आर्मी की तरफ से चेकिंग जारी रही। लाडोवाली रोड जो मुख्य मार्केट भी है। यहां रात 8 बजे तक शटर बंद हो चुकी थी और गुरु नानक पुरा रोड पर लगने वाली सब्जी और फ्रूट मार्केट के रेहड़ी और फड़ी वाले भी घरों को रवाना होने लगे। सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि आम दिनों में वह 10 बजे तक होते है, लेकिन लाइटें बंद हो चुकी हैं, ऐसे में वह भी अपनी रेहड़ियों पर लाइटें नहीं जलाएंगे और घरों को जाना ही बेहतर काम है। बीएसएफ चौक, रामामंडी फ्लाईओवर के नीचे पुलिस पुरी तरह से मुस्तैद रही और कुछ वाहनों की चेकिंग भी की गई। आम दिनों के मुकाबले सड़कों पर गाड़ियों की संख्या और उनकी रफ्तार दोनों कम थी। बस स्टैंड पर भी पूरा अंधेरा रहा और इसी बीच यात्री अलग-अलग जिलों को जाने वाली बसों को ढूंढते रहे। बस स्टैंड के अंदर आने वाली और बाहर जाने वाली बसों की लाइटों को भी पूरी तरह से बंद रखा गया और रात को दर्जनों दुकानें खुली रहीं, लेकिन उन्होंने लाइटों को बंद रखा। इस दौरान पूरी तरह से अंधेरा रहा और यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में थोड़ी परेशानी हुई तो कई यात्रियों ने जब मोबाइल टॉर्च जलाई तो रोडवेज के कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत बंद करने के लिए कहा। इस मॉक ड्रिल के दौरान जगह-जगह पर सायरन की आवाज से गूंजती रही। लाडोवाली रोड पर लोग सब्जी खरीदने निकले लेकिन सब्जी विक्रेताओं की रेहड़ी पर कोई लाइट न होने के चलते लोगों ने मोबाइल टॉर्च जलाकर ही सब्जी खरीदी। इस ब्लैक आउट के दौरान बीएमसी चौक, बीएसएफ चौक, पीएपी के पास जितने भी बड़े होटल, पैट्रोल पंप थे उन पर पूरी तरह से लाइटों को बंद किया गया।


