फतहसागर झील में ठेका खत्म होने के बाद जिस फर्म की नावों का संचालन बंद किया था, उसने नया विवाद छेड़ दिया है। श्रीरामदेव जनरल माेटर्स ने यूडीए आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी नावों को बिना आदेश दिए एक जनवरी से बंद कर दिया गया है। यह नियमों के खिलाफ है। इस बंद का भुगतान नहीं करेंगे। फर्म मालिक कुलदीप सोलंकी ने कहा कि ठेके के दौरान उनकी नावें 158 दिन तक बंद रखी गई थीं। इस कारण उनका करीब डेढ़ कराेड़ रुपया यूडीए पर बकाया है। यूडीए को 158 दिन बाेट संचालन की अनुमति देनी चाहिए। हाईकाेर्ट भी यह बात कह चुका। यदि आगे भी नाव संचालन बंद रखा गया तो यूडीए (उदयपुर विकास प्राधिकरण) क्षतिपूर्ति के लिए जिम्मेदार होगा। नाव संचालन के दो पॉइंट फतहसागर पर नाव संचालन के दोनों पाॅइंटों से सीजन में रोज 3 से 4 हजार पर्यटक बाेटिंग करने पहुंचते हैं। अभी मुंबइया बाजार पॉइंट से नाव नहीं चलने के कारण पर्यटक माेती मगरी पॉइंट पर जा रहे हैं। दूसरी ओर, यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने कहा कि फर्म का तीन साल के लिए ठेका था, जो खत्म हो चुका। फर्म पर 3.50 कराेड़ रुपए बकाया राशि भी है। उन्हें बकाया पेमेंट जमा कराने के लिए 7 दिन का समय दिया गया था। फर्म कह रही है कि वह पेमेंट जमा करा चुकी। इस संबंध में बात करने के लिए एक और 3 जनवरी काे उन्हें बुलाया था, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। अगर फर्म राशि जमा कराती तो पर्यटकों को सीजन में कोई परेशानी न हो, इसे देखते हुए कुछ समय के लिए बाेट चलाने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता था। हमने ठेका बंद करने का आदेश दिया ताे ये लोग काेर्ट से स्टे ले आएंगे और अपनी नावें चालू कर देंगे। नए ठेके में सोलर से चलने वाली नावें ही चलाई जाएंगी फतहसागर झील में दो पाइंटों से नावों का संचालन हो रहा है। श्रीरामदेव जनरल माेटर्स फर्म की पेट्रोल की 7 नावें इस झील में मुंबइया बाजार के सामने स्थित पाॅइंट से चलती थीं। ये 8 दिन से बंद हैं। दूसरी फर्म उज्जैन ड्रीम्स माेती मगरी पाॅइंट से नावें चलाती है। इसे हाल ही तीन साल के लिए ठेका दिया गया था। इसकी सभी 7 नावें सोलर से चलाई जा रही हैं। अब यूडीए की ओर से मुंबइया बाजार के सामने वाले पॉइंट के लिए प्रस्तावित ठेके में भी सोलर से चलने वाली नावें ही संचालित किया जाना तय है। झील के लिए इसे जरूरी बताया जा रहा है।


