‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ अभियान के अंतर्गत डिजिटल बाल मेला एवं नगर निगम हेरिटेज के संयुक्त तत्वाधान में 12 अप्रैल को आमेर किले में एक विशेष चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन फ्यूचर सोसाइटी के अंजना शर्मा के कर कमलों से हुआ। अंजना शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की और कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में बच्चों की भागीदारी जरूरी है, इसलिए बच्चों को स्वच्छ भारत के बाल दूत बनाने की जिम्मेदारी इस पेंटिंग प्रदर्शनी का मकसद है। इस प्रदर्शनी में जयपुर नगर निगम हैरिटेज के 50 वार्डों से चयनित विद्यालयों के बच्चों की ओर से तैयार की गई पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई है। आमेर महल में बड़ी संख्या में बाल चित्रकारों के पेरेंट्स पहुंचे। अपने बच्चों की कला को राज्य स्तरीय मंच मिलने से पेरेंट्स बेहद खुश थे। आमेर पहुंचे देश विदेश के पर्यटकों ने भी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर बनी पेंटिंग को सराहा। इस पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और उनके भीतर नेतृत्व कौशल को विकसित करना भी है। कौन बनेगा बाल पार्षद कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को शहरी प्रशासन, संविधान और स्वच्छता अभियानों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया नगर निगम हैरिटेज की मेयर कुसुम यादव ने 26 नवंबर को इस अभियान की शुरुआत की थी। 26 जनवरी को अल्बर्ट हॉल पर पेंटिंग प्रदर्शनी को देख कर नगर निगम हेरिटेज कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा ने इस पहल को मील का पत्थर बताया था। अभी तक अल्बर्ट हॉल, हवामहल, आमेर महल पर बच्चों की विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। आनेवाले दिनों में ऐसी और भी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।


