आयुर्वेद हॉस्पिटल में जिंदा जले डॉक्टर का वीडियो आया सामने:बोले- 17 महीने से बीमार, सैलरी पूरी नहीं आ रही; उपनिदेशक एचआरए भी नहीं बनाता

जालोर के सरकारी आयुर्वेद हॉस्पिटल कैंपस में डॉक्टर के जिंदा जलने के मामले में नया मोड़ आया है। डॉक्टर का 4.11 मिनट का एक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने जालोर आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर दिनेश जोशी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में कहा- ‘मैं 17 महीने से बीमार हूं। आर्थिक तंगी में हूं। मेरी सैलरी पूरी नहीं आ रही। उपनिदेशक दिनेश जोशी मेरा एचआरए भी नहीं बनाता।’ हालांकि इसे लेकर डॉक्टर जोशी ने सभी आरोपों को नकारा है। दरअसल, सोमवार सुबह बिशनगढ़ थाना इलाके में आयुर्वेदिक अस्पताल के पीछे बने कमरे में आयुर्वेदिक डॉक्टर मुरारीलाल मीणा (45) का जला हुआ शव मिला था। धुआं निकलता देख आसपास के लोगों ने उम्मेदाबाद चौकी में सूचना दी थी। पुलिस की मानें तो हादसा स्मोकिंग (बीड़ी-सिगरेट पीने) के कारण हुआ है। घुटनों में दर्द के कारण मुरारीलाल बिस्तर से उठ नहीं सके और आग की चपेट में आ गए। परिवार जयपुर गया हुआ था
कमरे का एक साल से बिजली कनेक्शन कटा हुआ था। मुरारीलाल जयपुर के रहने वाले थे। वे जालोर में 4 साल से पोस्टेड थे। वे पत्नी और बेटे के साथ हॉस्पिटल परिसर में ही पीछे बने कमरे में रहते थे। परिवार 2 महीने पहले जयपुर स्थित करतारपुरा (भगवती नगर) गया था। इस कारण डॉक्टर मुरारीलाल मीणा इन दिनों अकेले रह रहे थे। रविवार को भी वे अकेले थे। वीडियो में डॉक्टर ने कहा था- अगर मैं ठीक होता, तो इसका गला काट देता
सोमवार शाम को सामने आए वीडियो में डॉक्टर मुरारीलाल नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर दिनेश जोशी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वे कह रहे थे- मैं डॉक्टर मुरारीलाल मीणा। जालोर के उम्मेदाबाद में राजकीय आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में पोस्टेड हूं। मैं 17 महीने से बीमार हूं। 4 महीने आईसीयू में रहा। घर पर भी ट्रीटमेंट चला। इससे मैं तंगी से घिर गया। मजबूरी में यहां (हॉस्पिटल) रहना पड़ रहा है। पहले मैं किराए के मकान में रहता था। आज भी किराए पर रह रहा हूं। सुबह अस्पताल आ जाता हूं। टैक्सी वाला मुझे सुबह अस्पताल छोड़ जाता है और अस्पताल से ले जाता है। दिन में चाय-दूध के लिए गैस सिलेंडर यहीं अस्पताल में रखा है। दिनेश जोशी कहता है कि आप अस्पताल में रहते हो। वह मेरा एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) नहीं बना रहा है। यहां सरकारी डॉक्टर के लिए कोई क्वार्टर नहीं है। फिर क्यों मेरा एचआर नहीं बना रहा। मैं सुबह से शाम अस्पताल में रहता हूं, तब भी नहीं बना रहा। मैं डाक देने ऑफिस गया। मैंने कॉल किया- बॉस नमस्ते, कहां हो, मैं डाक लेकर आया हूं आप किसी को बाहर भेज दो। तो मुझसे कहा कि डाक लेने ऑफिस स्टाफ का कोई बंदा आपके पास नहीं आएगा। मैंने कहा कि मैं किसी को डाक के साथ अंदर भेज देता हूं तो उन्होंने कहा कि आप खुद आओ। मैं चल-फिर नहीं सकता। गाड़ी में बैठा था। बंदा भेज रहा था, उन्हें क्या तकलीफ थी। ये (दिनेश जोशी) मुझे मानसिक शारीरिक और आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। कभी मेरी सैलरी 98 हजार आती है, कभी 70 हजार तो कभी 64 हजार। ये क्या है। मेरे साथ ऐसा क्यों। अब कह रहा है कि एफआईआर कराऊंगा। करा, जेल ही तो होगी। मैं तो जेल से भी बुरी जिंदगी जी रहा हूं। जेल में खाना-पानी तो टाइम से मिलेगा। इंसानियत है क्या इसमें? इससे ज्यादा इंसानियत जानवरों में होती है। जानवरों से गया गुजरा है। क्या जांच कराएगा। मैं अगर ठीक होता तो इसका गला काट देता। ये मैंने बोला। गलत नहीं बोला। इसे समझा लो ये तरीके से, इंसानियत से व्यवहार करें। उपनिदेशक ने कहा- हमने प्रताड़ित नहीं किया
जालोर आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर दिनेश जोशी ने कहा- हमने कोई प्रताड़ित नहीं किया। उनकी सर्विस बुक भरतपुर थी। हमने पेमेंट नहीं रोका। कल भी पेमेंट किया है। लगातार पेमेंट जमा हो रहा है। सभी आरोप पता नहीं क्यों लगाए। दिनेश जोशी ने बताया कि यह वीडियो करीब 12 महीने पुराना है। उस समय डॉक्टर बीमारी को लेकर मेडिकल पर थे। जिसकी सैलरी बनाने को लेकर वीडियो वायरल किया था। उनका सर्विस रिकॉर्ड भरतपुर से खराब था, इसलिए सैलरी नहीं बनी थी। लेकिन, वीडियो वायरल होने के बाद समस्या का समाधान कर दिया था। थानाधिकारी बोले- वीडियो काफी पुराना
थानाधिकारी निंबाराम ने बताया कि यह वीडियो पुराना है। पहले भी यह वीडियो वायरल हो रखा है। अभी पता नही कहां से वायरल हो गया। हालांकि घटना के बाद से इसकी जांच की जा रही है। मुरारीलाल मीणा की दो पत्नी थी। पहली पत्नी से तलाक होने के कारण उसकी सैलरी का 25 प्रतिशत हिस्सा बेटे के खाते में जमा होता है। ये भी पढ़ें:-
जालोर के हॉस्पिटल में जयपुर के डॉक्टर जिंदा जले:रात में स्मोकिंग के कारण कमरे में आग लगी, घुटनों में दर्द की वजह से निकल नहीं पाए सरकारी आयुर्वेद हॉस्पिटल कैंपस में एक डॉक्टर जिंदा जल गए। हॉस्पिटल के पीछे बने कमरे में वह सो रहे थे। अचानक आग लगी और वह वहां से निकल नहीं पाए। पुलिस की मानें तो हादसा स्मोकिंग (बीड़ी-सिगरेट पीने) के कारण हुआ है। वह जयपुर के रहने वाले थे। मामला जालोर के बिशनगढ़ थाना इलाके का है।(पूरी खबर पढ़िए)

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