आश्रयगृह का किया निरीक्षण
डीसी मंजूनाथ भजंत्री और निगम के अपर प्रशासक संजय कुमार ने गुरुवार की देर रात खादगढ़ा बस स्टैंड स्थित आश्रय गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ने आश्रय गृह में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने असहायों के बीच कंबल का वितरण भी किया। वाटर प्लांट के रजिस्ट्रेशन के लिए देने होंगे ये कागजात वाटर प्लांट के रजिस्ट्रेशन के लिए प्लांट संचालक को आधार कार्ड, कंपनी या फर्म रजिस्ट्रेशन का कागजात, बिजली बिल, होल्डिंग रसीद, केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकार का एनओसी व रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कागजात जमा करना होगा। कागजातों की जांच के बाद निगम संबंधित प्लांट को लाइसेंस जारी कर देगा। राजधानी में चल रहे आरओ वाटर प्लांट के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस के चल रहे वाटर प्लांटों को लाइसेंस जारी करके नगर निगम अपनी कमाई बढ़ाएगा। आरओ प्लांट का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 5 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस और 20 हजार रुपए सालाना सिक्यूरिटी मनी जमा करना होगा। निगम के उप प्रशासक ने गुरुवार को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने आरओ प्लांट संचालकों को तीन माह के अंदर लाइसेंस लेने के लिए कहा है। 31 मार्च तक लाइसेंस नहीं लेने वाले संचालकों का प्लांट निगम द्वारा सील कर दिया जाएगा। लाइसेंस जारी करने के लिए आरओ प्लांट को चार कैटेगरी में बांटा गया है। ड्राई जोन वाले क्षेत्र में प्लांट खोलने का लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति ड्राई जोन में प्लांट चलाता है तो उसे भी सील किया जाएगा। मालूम हो कि पिछले वर्ष गर्मी में निगम की टीम ने शहर में अवैध रूप से चल आरआे वाटर प्लांटों की जांच की गई थी। इस दौरान अधिकतर प्लांट संचालकों के पास प्लांट चलाने से संबंधित कोई भी कागजात नहीं मिला था। इसके बाद लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया था। पानी की किल्लत नहीं वहीं मिलेगा लाइसेंस आरआे प्लांट के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को चार कैटेगरी में बांटा गया है। इसके तहत जहां पानी की किल्लत नहीं है उसे सेफ जोन माना गया है। इस जोन में आसानी से लाइसेंस जारी किया जाएगा। सेमी क्रिटिकल जोन में मार्च 2026 तक प्लांट संचालन करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। क्रिटिकल जोन में मार्च 2025 के लिए ही लाइसेंस िदया जाएगा। वहीं ड्राई जोन में उस क्षेत्र को रखा गया है जहां गर्मी में पानी की किल्लत होती है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी वाटर प्लांट संचालकों को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।


