जिले के 70 पैक्स के गोदाम में धान का स्टॉक फुल, खरीदारी रु की

हजारीबाग जिले में धान अधिप्राप्ति में विसंगति और लचर व्यवस्था के कारण एक बार फिर से पिछले वर्ष की भांति गड़बड़ी होने की संभावना प्रबल हो गई है। साथ ही लक्ष्य के अनुरूप जिले में धान की खरीदारी हो पाती है इस पर भी संशय बरकरार है। जिले में धान की खरीदारी का लक्ष्य है 6 लाख क्विंटल है। अब तक 70 हजार क्विंटल की ही खरीदारी की जा सकी है। हजारीबाग जिले में 70 पैक्स और धान क्रय केंद्र को धान खरीदने की अनुमति मिली है। उसमें एक लिमिट निर्धारित किया गया है की 1000 क्विंटल से अधिक एक लॉट में नहीं खरीदा जा सकता है। दूसरा लाट तब हीं खरीदा जाएगा जब पहला लाट मिलर को प्राप्त हो जाएगा। इन धान को पैक्स या फिर क्रय केंद्र के गोदाम में ही रखना है। चार राइस मिल से पैक्स को टैग किया गया है । जिसमें हजारीबाग के हेमकुंड राइस मिल को सबसे अधिक 34 पैक्स ,चंद्रावती राइस मिल को 19 पैक्स और बाकी बचे 17 पैक्स व केंद्र को कोडरमा के मयूर राइस मिल और रामगढ़ के कुंज बिहारी राइस मिल से जोड़ा गया है। यह भी सिस्टम बनाया गया है कि राइस मिल पैक्स से धान प्राप्ति करने के बाद सरकार को चावल देंगे फिर पैक्स से धान उठाव करेंगे। वही पैक्स तब तक किसान से धान नहीं खरीदेंगे जब तक कि उनके स्टॉक से धान खाली होकर राइस मिल नहीं चला जाता है। ऐसे में स्थिति यह उत्पन्न हो गई है कि राइस मिल को क्षमता से अधिक पैक्स टैग कर देने के कारण ना ही राइस मिल समय से सरकार को सीएमआर चावल दे पा रहे हैं और नाही पैक्स के गोदाम से धान का उठाव हो पा रहा है। आज स्थिति यह है कि जिले के 70 पैक्स और धान क्रय केंद्रों में 70000 क्विंटल धान गोदाम में पड़े हुए हैं । इनका कहना है कि राइस मिलर ना चावल दे पा रहे हैं और ना हीं धान ले पा रहे हैं। राइस मिल ना ही सीएमआर का चावल दे पा रहा है और ना ही समय से धान प्राप्त कर रहा है अगर यही व्यवस्था रही तो 6 महीने में भी धान की खरीदारी की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। क्योंकि एक राइस मिल को 34 पैक्स से जोड़ा गया है अगर एक पैक्स से एक दिन धान का उठा होता है तो फिर उस पैक्स का नंबर 34 वें दिन आएगा। यह भी बताया गया कि पैक्स का स्टॉक फुल हो जाने के कारण तत्काल धान खरीदारी के लिए पाउस मशीन को भी बंद कर दिया गया है। जिसके कारण धान लेकर पहुंचने वाले किसान से चाह कर भी धान नहीं खरीदा जा सकता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *