परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने वाहन स्वामियों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। अब केन्द्रीय मोटर यान नियम 1989 के नियम 167 (1) एवं (2) के तहत बनाए गए चालानों की सूचना वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस, व्हाट्सएप या ई-मेल के माध्यम से सीधे प्राप्त होगी। इसके साथ ही वाहन पंजीयन से जुड़ी सभी सेवाओं में अद्यतन मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अब नए पंजीयन, पंजीयन नवीनीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण, पता परिवर्तन सहित अन्य सेवाओं के दौरान वाहन स्वामी को अपना अपडेटेड मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी वाहन पोर्टल पर दर्ज कराना होगा। विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी प्रकार की चालान सूचना, प्रवर्तन कार्रवाई या अन्य सेवा संबंधी जानकारी समय पर संबंधित वाहन स्वामी तक पहुंचे। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या ने बताया कि यदि मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी अपडेट नहीं होगी तो चालान अथवा अन्य सूचना प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है, जिसकी जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी। इसलिए सभी वाहन मालिकों से अपील की गई है कि वे अपने दस्तावेजों में दर्ज संपर्क विवरण की जांच कर आवश्यकतानुसार अपडेट करवा लें। डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी जवाबदेही परिवहन विभाग के अनुसार यह कदम डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अब प्रवर्तन विंग द्वारा बनाए गए ई-चालान सीधे पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंचेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और वाहन स्वामी को तुरंत जानकारी मिल सकेगी। इससे समय पर चालान भुगतान, विवाद निवारण और रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया सरल होगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल और ई-मेल आधारित सूचना प्रणाली से फर्जी पते, अधूरी जानकारी और लंबित चालानों की समस्या में कमी आएगी। अधिक जानकारी के लिए वाहन स्वामी कार्यालय समय में जिला परिवहन अधिकारी (द्वितीय) अथवा जिला परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन विंग) से संपर्क कर सकते हैं।


