आरबीएम अस्पताल के सोनोग्राफी विभाग में एक ही महिला रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जुही अग्रवाल हैं। अस्पताल में सोनोग्राफी की व्यवस्था बिगड़ने पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नगेंद्र सिंह भदौरिया के कहने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. तरुण लाल द्वारा पढाई के लिए ली गई अवैतनिक छुट्टी कैंसिल कर देने से नाराज महिला डॉक्टर के चिकित्सा अधीक्षक पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते संपर्क पोर्टल व सीएम से शिकायत करने का मामला सामने आया है। जिसकी चर्चा इन दिनों अस्पताल में जोरों से है। उल्लेखनीय है कि महिला डॉक्टर 6 माह की लीव लेकर 5 नवंबर को जयपुर रिलीव हो गई थी और शेष डॉक्टर पहले से छुट्टी पर थे। इससे अस्पताल में सोनोग्राफी का काम बंद हो गया और मरीजों को परेशान होकर लौटना भी पड़ा था। बाद में जनाना अस्पताल से डॉक्टर लगाकर मरीजों की सोनोग्राफी की व्यवस्था करनी पड़ी थी। हालांकि उस दौरान रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में विशेष सोनोग्राफी गर्दन, ब्रेस्ट, स्मॉल पार्ट्स, स्कलोटम, हर्निया, हाइड्रो सील आदि की सोनोग्राफी नहीं हो सकीं थी, जिनका सोनोलॉजिस्ट डॉक्टर को प्रशिक्षण नहीं था। उन्हें रेडियोलॉजिस्ट के आने का इंतजार करने के लिए कहा गया था। कॉलेज प्रिंसीपल ने 8 नवंबर को महिला डॉक्टर की छुट्टी कैंसिल की थीं। महिला डॉक्टर ने उत्पीड़न की शिकायत में चिकित्सा अधीक्षक पर द्वेष रखने, आगे पढ़ने एवं कोर्स करने से रोकने जैसे आरोप लगाए हैं। साथ ही व्यवस्था बिगड़ने के दौरान जो दो सोनोलॉजिस्ट विभागाध्यक्ष से अवकाश स्वीकृत कराए बिना छुट्टी पर चले गए, उनके खिलाफ चिकित्सा अधीक्षक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के आरोप भी लगाए हैं। इधर दूसरी ओर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नगेंद्र भदौरिया से इस शिकायत के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता व्यक्त की और कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया।


