घर खरीदना हुआ महंगा 15% बढ़ी डीएलसी दरें:एक दिसंबर से हुईं लागू, रेडक्रॉस सर्किल से हीरादास तक सबसे ज्यादा रेट

शहर में अब घर और जमीन खरीदना और महंगा हो गया है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने डीएलसी की दरों में औसतन 5 से 15 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह दरें एक दिसंबर, 2024 से लागू हो गई हैं। इससे पहले अप्रैल में 10 प्रतिशत की फ्लैट वृद्धि की गई थी। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का मूल्यांकन भी बढ़ी हुई दरों के अनुसार होगा। वहीं, निरीक्षण शुल्क खाली भूखंड पर 500 रुपए तथा निर्मित भूखंड का निरीक्षण शुल्क 1000 रुपए ही रहेगा। शहर में तमाम बाजार विकसित हो जाने के बाद भी लक्ष्मण मंदिर चौक की बादशाहत कायम है। यानि लक्ष्मण मंदिर चौक/सर्राफा बाजार में अभी भी सबसे अधिक डीएलसी रेट है। वहीं,रेड क्रॉस सर्किल से हीरादास सर्किल तक डीएलसी दरें सबसे अधिक हैं। इस बार डीएलसी दरें वर्ग मीटर (स्क्वायर मीटर) में दी गई हैं, जबकि पहले वर्ग फुट में दरें लागू की गईं थी। इस संबंध में डीआईजी स्टांप मुनिदेव यादव ने बताया कि एक दिसंबर से नई डीएलसी दरें लागू की गई हैं। डीएलसी दर सड़क की साइज पर निर्भर है। 30 फीट और इससे अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित संपत्ति की कीमत एक्सटीरियर दर के हिसाब से तय होती है। 30 फुट से कम चौड़ी सड़क और अंदर की गलियों में स्थित संपत्ति की कीमत इंटीरियर दर के हिसाब से तय की जाती हैं। अगर आपने 1000 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदा। मान लीजिए इसकी डीएलसी दर 5 हजार रुपए थी। ऐसे में इसकी रजिस्ट्री 50 लाख रुपए पर होती। अब डीएलसी में 5 फीसदी की वृद्धि हुई। पंजीयन व मुद्रांक विभाग ने दूसरी बार की वृद्धि {महिलाओं के लिए 5 फीसदी व पुरुषों के लिए 6 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी… पुरानी डीएलसी दर के हिसाब से किसी पुरुष के नाम 3 लाख रुपए में रजिस्ट्री होती और नई दर के हिसाब से 3 लाख 15 हजार रुपए में रजिस्ट्री होगी। ऐसे ही अगर इसी प्लॉट पर 40 फीसदी डीएलसी बढ़ी तो डीएलसी दर 5 हजार से बढ़कर 7 हजार हो गई। यही प्लॉट 70 लाख का हो गया। इसकी 6 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी के हिसाब से 4 लाख 20 हजार में रजिस्ट्री होगी। बता दें कि राजस्थान के शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदने पर महिलाओं के लिए 5 फीसदी व पुरुषों के लिए 6 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होती है। अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं के लिए 4 फीसदी और पुरुषों को 5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी देनी होती है। डीएलसी रेट का पूरा नाम डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी रेट है। यह एक न्यूनतम संपत्ति दर है, जिसका उपयोग स्टाम्प ड्यूटी की गणना करने के लिए किया जाता है।

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