आरयूएचएस की लापरवाही:NMC से बिना संबद्धता के एमपीएच कोर्स में प्रवेश दे दिया, RMC ने नहीं किया रजिस्ट्रेशन, छात्रों के भविष्य पर संकट

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से संचालित दो साल की अवधि का मास्टर इन पब्लिक हैल्थ (एमपीएच) कोर्स करने के बावजूद छात्र-छात्राएं अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे है। विश्वविद्यालय की ओर संबद्धता प्राप्त संस्थान जयपुर, जोधपुर और बीकानेर से कोर्स करके अब तक 60 से ज्यादा छात्र निकल चुके है। अब दो साल के कोर्स की फीस तीन-तीन लाख रुपए देने के बाद भी राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं होने से नौकरी मिलने पर भी संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित छात्र-छात्राओं के कोर्स पूरा होने के बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने गए तो यह सुनकर उनके होश उड़ गए कि यह एमपीएच का कोर्स नेशनल मेडिकल कमिशन नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त नहीं है। यहां तक कि विश्वविद्यालय ने यूजीसी को भी इस कोर्सेज के संबंध में सूचना नहीं दी। अब सवाल उठता है कि आरयूएचएस ने बिना एनएमसी के मान्यता के ही कैसे कोर्स प्रारंभ कर दिया। इस मामले में प्रवेश लेने वाले छात्रों को स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। कब-क्या “दो तरह के एमपीएच कोर्स हैं। एक एनएमसी और दूसरा विवि की ओर से। हमारे यहां कोर्स आरयूएचएस से मान्यता प्राप्त है। आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज जयपुर के अधीन संचालित है। यहां फैकल्टी भी है।”
-डॉ.प्रमोद येवले, कुलगुरु, आरयूएचएस जयपुर

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