लोगों को सुविधा देने के लिए आरटीओ द्वारा अगस्त माह में जारी किए गए उपनगरीय बसों के परमिट अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के चलते फेल साबित हो रहे हैं। उपनगरीय परमिट की बसें तय बस स्टैंड और रूट को छोड़कर सिंधी कैंप और सिटी रूट से ही दौड़ रही हैं। भास्कर रिपोर्टर ने हीरापुरा बस स्टैंड से खाटूश्यामजी जाने वाली उपनगरीय बसों में सफर कर उसकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से पड़ताल की। हीरापुरा से ऐसी 88 बसों को परमिट दिए गए हैं, जो सिंधी कैंप स्टैंड से ही चल रही हैं। रूट भी लोक परिवहन और रोडवेज बसों वाला है। इसके चलते अजमेर रोड, भांकरोटा, हीरापुरा, वैशाली नगर, सिरसी, मानसरोवर, सांगानेर, जगतपुरा और मालवीय नगर की 1000 से ज्यादा कॉलोनियों के 11 लाख लोगों को खाटूश्यामजी जाने के लिए सिंधी कैंप ही जाना पड़ रहा है। यही स्थिति सांगानेर से चाकसू और ट्रांसपोर्ट नगर से बस्सी उपनगरीय परमिट पर चलने वाली बसों की है। सिंधी कैंप से चलने वाली बसों का रूट बस स्टैंड से चांदपोल, पुलिस लाइन के सामने से पानीपेच तिराहा होते हुए चौमूं पुलिया, वीकेआई 14 नंबर बस स्टैंड होते हुए रिंग्स और खाटूश्यामजी। हीरापुरा से चलने वाली बसों का रूट हीरापुरा बस स्टैंड से अजमेर रोड 200 फीट मोड़, 14 नंबर पुलिया, हरमाड़ा, सीकर रोड, टाटियावास टोल प्लाजा, चौमूं, उदयपुरिया मोड़, गोविंदगढ़, ढोडसर, सरगोट बस स्टैंड, रिंग्स तिराहा बीकानेर बाईपास, खाटू मोड़ रिंग्स, कोटडी मोड़, खाटू रोड होते हुए खाटूश्यामजी। बसों के रूट की पड़ताल के लिए भास्कर के दो रिपोर्टर ने 3 अक्टूबर को जयपुर से खाटूश्यामजी जाने के लिए बस संख्या 0900 का 120 रुपए का टिकट लिया। ट्रेवल्स वाले ने बस सिंधी कैंप से चलना बताई। जब उससे कहा कि हमें तो हीरापुरा से जाना है, तो जवाब मिला- सिंधी कैंप ही आना होगा। बस में बैठते ही रिपोर्टर ने जीपीएस ऑन कर लिया। बस सिंधी कैंप बस स्टैंड से चांदपोल, पुलिस लाइन के सामने से पानीपेच तिराहा, चौमूं पुलिया, वीकेआई 14 नंबर बस स्टैंड होते हुए रिंग्स-खाटूश्यामजी पहुंची। 90 किमी के सफर में करीब 2 घंटे लगे। इसके बाद बस संख्या 3612 का टिकट लिया। यह भी हीरापुरा की जगह सिंधी कैंप से रवाना होकर चांदपोल, पानीपेच, अंबाबाड़ी होते हुए चौमूं सर्किल पहुंची।


