भास्कर न्यूज| जांजगीर युवक को शराब में जहर मिलाकर दो लोगों की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। फैसला जांजगीर की अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार बारा ने सुनाया। आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत दोषी पाया गया और उसे दो बार आजीवन कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश गोपाल के अनुसार, यह घटना 30 अगस्त 2023 को रोगदा में हुई थी। विजय सूर्यवंशी अपने मुंहबोले साले रोहित कमलाकर के घर गया और वहां एक पाव देशी शराब छोड़ आया। रोहित की बेटी निर्जला ने जब पूछा, तो विजय ने कहा कि शराब रोहित को दे देना। हालांकि, उसी दिन शाम को रोहित नशे में था, इसलिए उसकी बेटी ने शराब नहीं दी। इससे पहले विजय ने दो बार रोहित को जान से मारने की धमकी भी दी थी। अगले दिन निर्जला ने शराब को किसी और को देने की बात गांव में कही, जिसे मृतका ललिता का भतीजा देवेंद्र सूर्यवंशी ने सुना। 31 अगस्त की शाम को ललिता, किरण सूर्यवंशी, शिवशंतन सूर्यवंशी और ललिता बाई एक धार्मिक आयोजन के बाद घर में बैठे थे। ललिता बाई ने देवेंद्र को 100 रुपये देकर शराब लाने भेजा। देवेंद्र ने रोहित के घर से वही शराब ली और लाकर ललिता बाई को दे दी। शराब पीने के तुरंत बाद ललिता और किरण की तबीयत बिगड़ गई और दोनों बेहोश हो गईं। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल जांजगीर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीली शराब पीना पाया गया। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान विजय सूर्यवंशी को हिरासत में लिया और धारा 304 और 328 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि विजय ने जान-बूझकर शराब में जहर मिलाकर हत्या की योजना बनाई थी। कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर विजय सूर्यवंशी को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उसे तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भी भुगतना होगा। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश गोपाल ने पैरवी की।


