गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के रोड हरलाडीह गांव में गुरुवार को एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। 55 वर्षीय चारा बश्के ने आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों से परेशान होकर फांसी लगा ली। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। मृतक मेमेरे भाई मोतीलाल सोरेन ने बताया कि चारा बश्के का बेटा बबलू बश्के तीन दिन पहले एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे बेहतर इलाज के लिए धनबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और वह कोमा में बताया जा रहा है। निजी अस्पताल में इलाज का खर्च काफी अधिक था, जिसके कारण चारो बश्के लगातार पैसों के इंतजाम में जुटे हुए थे। उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से मदद लेने की कोशिश की, लेकिन आवश्यक धनराशि की व्यवस्था नहीं हो पाई। पैसे का इंतजाम न हो पाने से चारो बश्के गहरे तनाव में थे मृतक के मेमेरे भाई मोतीलाल सोरेन ने बताया कि बेटे की बिगड़ती हालत और इलाज के लिए पैसे का इंतजाम न हो पाने से चारो बश्के गहरे तनाव में थे। इसी मानसिक दबाव और आर्थिक मजबूरी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। गुरुवार सुबह पड़ोसियों ने उन्हें घर में फांसी के फंदे से लटका देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पीरटांड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी दीपेश शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


