आर्य समाज के प्रतिनिधियों की प्रशासन के साथ हुई वार्ता:अधिकारियों पर दूसरे पक्ष का साथ देने का लगाया आरोप

हनुमानगढ़ के टाउन के आर्य समाज की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की गुरुवार को एडीएम उम्मेदीलाल मीना की अध्यक्षता में प्रशासन-पुलिस के साथ वार्ता हुई। वार्ता में एसडीएम मांगीलाल सुथार, टाउन पुलिस थाना प्रभारी मोनिका बिश्नोई, आर्य समाज प्रधान सुरेन्द्र बेनीवाल मौजूद रहे। आर्य समाज प्रधान सुरेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि आर्य समाज की नई कार्यकारिणी की ओर से प्रशासन को 112 दस्तावेज सौंपे गए थे, लेकिन प्रशासन को यह दस्तावेज नजर नहीं आए। जबकि दूसरी ओर आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के पास फर्जी रजिस्ट्रेशन के अलावा कुछ नहीं है। प्रशासन उस ट्रस्ट को दावेदार मान रहा है। ट्रस्ट के साथ प्रशासन की सौ प्रतिशत मिलीभगत है या प्रशासन किसी दबाव में है। प्रशासन से जब आर्य समाज को लेकर बात की जाती है तो कहा जाता है कि वे कोर्ट में क्यों नहीं जाते। प्रशासन कह रहा है कि वह आर्य समाज की नई कार्यकारिणी को आर्य समाज भवन का कब्जा नहीं दिलवा सकता, लेकिन जब रास्तों के विवाद होते हैं तो उनमें भी एडीएम-एसडीएम की ओर से फैसला किया जाता है। बेनीवाल ने दावा किया कि आर्य समाज की वर्तमान नई कार्यकारिणी वैध है। कार्यकारिणी की ओर से प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज आर्य समाज के हैं। यह सम्पति आर्य समाज की है। प्रशासन इसे सीधे रूप से नकार नहीं सकता। अप्रत्यक्ष रूप से प्रशासन कह रहा है कि वह इसमें कुछ नहीं कर सकता, आप कोर्ट में चले जाइए। यह बात प्रशासन पहले ज्ञापन सौंपने के समय भी कह सकता था। उन्होंने कहा कि आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने प्रशासन के पाबंद करने के बावजूद आर्य समाज भवन में हवन किया, लेकिन अवगत करवाने के बाद भी प्रशासन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस पूरे प्रकरण में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। जल्द आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

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