आलमबाग बस स्टेशन पर क्षमता से ज्यादा बसें व्यवस्था बेहाल:चारबाग और हैदरगढ़ डिपो की बसें शिफ्ट होने से स्टेशन पर दबाव बढ़ा

आलमबाग बस स्टेशन इस समय क्षमता से कहीं अधिक बसों का भार संभाल रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्टेशन परिसर में बसों को एक मिनट भी खड़ा करने की जगह नहीं बची है। पहले से आलमबाग डिपो की बसें यहां संचालित हो रही थीं, अब चारबाग बस स्टेशन के पुनर्निर्माण और हैदरगढ़ डिपो की बसों के शिफ्ट होने से दबाव कई गुना बढ़ गया है। बेसमेंट में रोकी जा रहीं समय से पहले पहुंची बसें बसों की भारी संख्या को देखते हुए डिपो प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। समय से पहले पहुंचने वाली बसों को सीधे प्लेटफॉर्म पर लाने के बजाय बेसमेंट में रोका जा रहा है। निर्धारित प्रस्थान समय और जरूरत के अनुसार ही बसों को प्लेटफॉर्म पर आने की अनुमति दी जा रही है। जाम से जूझते मुसाफिर और राहगीर मंगलवार को आसपास के इलाकों का जायजा लेने पर स्थिति चिंताजनक दिखी। चारबाग से आलमबाग और मवैया रोड पर बसों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे आम जनता और राहगीरों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। 45 प्लेटफॉर्म, लेकिन बसें 850 के करीब परिवहन निगम के अनुसार, आलमबाग स्टेशन पर कुल 45 प्लेटफॉर्म हैं। पहले आलमबाग डिपो की 84 बसों समेत अन्य डिपो की मिलाकर करीब 600 बसों का संचालन हो रहा था। अब चारबाग डिपो की 124 और हैदरगढ़ डिपो की 120 बसें जुड़ने से कुल संख्या लगभग 850 तक पहुंच गई है। प्लेटफॉर्म पर ठहराव का समय घटाया भीड़ नियंत्रित करने के लिए बसों के प्लेटफॉर्म पर ठहराव के समय में कटौती की गई है। पहले जहां बसें 25–30 मिनट तक रुकती थीं, अब उन्हें 10–15 मिनट में प्लेटफॉर्म खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्री अब भी चारबाग पहुंच रहे चारबाग से फतेहपुर, अयोध्या, गोरखपुर और सुल्तानपुर जैसे रूटों की सवारियां जुड़ी रहती थीं। बसों के आलमबाग शिफ्ट होने के बावजूद अधिकांश यात्री अब भी पहले चारबाग ही पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें दोबारा आलमबाग भेजा जा रहा है। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात बसों की बढ़ी संख्या और जाम की आशंका को देखते हुए स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आलमबाग बस स्टेशन से प्रदेश के सभी 75 जिलों समेत अन्य राज्यों के लिए भी बसों का नियमित संचालन जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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