झांसी में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की पुरानी मांग को लेकर मंगलवार को बैंक कर्मचारियों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का झांसी में व्यापक असर देखने को मिला। सिविल लाइन स्थित इंडियन बैंक की मुख्य शाखा के बाहर विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी एकत्र हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हड़ताल के चलते जिले भर में बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।कर्मचारी नेता देवेश माहौर ने बताया कि बैंककर्मी सभी शनिवार को अवकाश की मांग कर रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी दी जाती है, जबकि कर्मचारी संगठन सभी शनिवार को अवकाश के बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने का प्रस्ताव सरकार को पहले ही दे चुके हैं। वहीं, अशोक कुमार महावर ने कहा कि सरकार के अड़ियल रवैये के कारण बैंकिंग सेवाओं में जरूरी सुधार अटका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है।इस हड़ताल का असर जिले की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा। अनुमान के मुताबिक करीब 100 करोड़ रुपए का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ है। नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य ठप रहने से आम जनता को खासा नुकसान झेलना पड़ा। इंडियन बैंक की 42 ब्रांच रहीं बंद झांसी मंडल की इंडियन बैंक मेन ब्रांच से झांसी, ललितपुर और जालौन की ब्रांच की बैंकिंग जुड़ी है। ऐसे में मंगलवार को जब कर्मियों ने हड़ताल की तो इसका असर पूरे मंडल पर देखने को मिला। मंडल की सभी 42 ब्रांच का काम पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच के गेट पर भी हड़ताल कर रहे कर्मियों ने STRIKE का पोस्टर चस्पा कर दिया। दो दिन की छुट्टी के बाद तीसरे दिन भी बंदी बता दें कि बैंक से लेनदेन समेत अन्य कामों के लिए मंगलवार को ग्राहक जब अपनी बैंक की ब्रांच पर पहुंचे तो यहां उन्हें हड़ताल के चलते बैंक बंद मिली। ग्राहकों का कहना था कि पहले रविवार का अवकाश, फिर गणतंत्र दिवस की छुट्टी थी। वह इस बात को लेकर आस्वस्त थे कि मंगलवार को बैंक खुलेंगी, लेकिन आज भी बैंक बंद मिले।


