भास्कर न्यूज | जालंधर नगर सुधार ट्रस्ट के विभिन्न अदालतों में लगभग 250 एक्जीक्यूशन और 300 केस विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। 400 केस के फैसले आ चुके हैं और ट्रस्ट 40 करोड़ रुपए आवंटियों को भुगतान कर चुकी है। इसके बाद भी ट्रस्ट पर आवंटियों का लगभग 70 करोड़ रुपए का बकाया है। ट्रस्ट को इस पर ब्याज का सालाना 7 करोड़ भी देना होगा। उक्त बातें सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन वेलफेयर सोसायटी के प्रधान जतिंदर मोहन शर्मा ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि नगर सुधार ट्रस्ट में एक गंभीर चिंता है कि ट्रस्ट दफ्तर में फाइलें भी गुम हो रही है। यहां पर फाइलों को खोजने में कई दिन लग जाते हैं, जबकि हमने अपनी शिकायतों के निवारण के लिए आम आदमी पार्टी से बड़ी उम्मीदें लगाई थी, लेकिन परिणाम शून्य ही रहा है। उन्होंने कहा कि नगर सुधार ट्रस्ट के आवंटियों को कोविड के समय में लगभग 38 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ। उस समय, ट्रस्ट पर बैंकों का लगभग 110 करोड़ रुपए का बकाया था, जिसे अमृतसर और लुधियाना ट्रस्ट से 50-50 करोड़ रुपए उधार लेकर चुकाया था। वर्तमान में नगर सुधार ट्रस्ट और उधार लेकर आवंटियों की राशि वापस कर सकता है। वैसे भी ट्रस्ट के पास करोड़ों की संपत्ति है। इसे नीलाम कर भी वह पैसे लौटा सकते हैं। केस जीत चुके ऐसे कई आवंटी हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। अब उनकी विधवाएं ठोकरें खा रही हैं। हमने अपनी जीवन भर की कमाई ट्रस्ट को सौंप दी थी। अदालत के आदेशों के बावजूद हमें भुगतान नहीं किया जा रहा। हम सरकार से जल्द से जल्द हमारी राशि वापस करने की अपील करते हैं। इस मौके पर अध्यक्ष दर्शन सिंह, महासचिव (सीए) रेवंत बहल समेत अन्य मौजूद रहे।


