आशा सहयोगिनी बोलीं- कम से कम 18000 रुपए मानदेय करे:लंबित मांगों को बजट में शामिल करने की मांग, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आशा सहयोगिनी संगठन राजस्थान, जिला शाखा जालोर की ओर से बजट घोषणा 2026–27 से पूर्व मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों की विभिन्न लंबित मांगों को बजट में शामिल करने की अपील की गई। संगठन ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में लगभग 53,353 आशा सहयोगिनियां कार्यरत हैं, जिनका चयन वर्ष 2003 से किया गया था। वर्तमान में आशा सहयोगिनियों को मात्र 4,959 रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के इस दौर में अत्यंत अपर्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई कि आशा सहयोगिनियों को राज्य सरकार सेवा नियम 2022 में शामिल कर न्यूनतम 18,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। साथ ही वर्ष 2004 में चयनित आशा सहयोगिनियों को सरकार द्वारा स्वीकृत मानदंडों के अनुरूप नियमित किया जाए। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं की योग्यता एवं अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें आशा सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति देने की भी मांग रखी। इसके अलावा 1 जनवरी 2021 के बाद नियुक्त आशा सहयोगिनियों को पूर्व की भांति 10 प्रतिशत आरक्षण देने, अनुभव के आधार पर पदोन्नति का अवसर प्रदान करने और लंबे समय से कार्यरत आशा बहनों के लिए एकमुश्त राशि योजना लागू करने की मांग को लेकर ज्ञापन में दिया। इस अवसर पर जिला शाखा जालोर की अध्यक्ष रजनी चौधरी एवं सचिव सज्जनलता देव सहित आशा सहयोगिनिया मौजूद रही।

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