चाइनीज़ मांझे से पतंग उड़ाने वालों की अब खैर नहीं कोटा पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। अब ड्रोन के जरिए चाइनीज़ मांझे से पतंग उड़ाने वालों पर निगाह रखी जा रही है। मकर सक्रांति के चलते पतंगबाजी का शौक रखने वाले लोग आसमान में रंग-बिरंगी पंतगें उड़ाने लगे हैं। खुद डीएसपी रैंक के अधिकारी इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। अगर कोई भी चाइनीज़ मांझे से पतंग उड़ाता मिलता है तो कोटा पुलिस उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। चाइनीज़ ओर तेज धार वाले माँझो से इंसानों के साथ बेजुबान पक्षियों की भी जान जा रही है। चाइनीज़ मांझे से रोजाना कई पक्षी कट कर घायल हो रहे है। आसमान में परवाज भरने वाले परिंदों की जिंदगी की डोर यह खतरनाक मांझा काट कर घायल कर रहा है। पतंगबाजो की चंद मिनटो की खुशी बेजुबानों पक्षियों के पंख काट कर उन्हें घायल कर रही है। जिससे वे पक्षी उड़ने से भी मोहताज हो रहे हैं। कोटा में लोग जमकर पतंगबाजी कर रहे हैं। परंतु इन पक्षियों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे हैं।
डीएसपी राजेश टेलर ने बताया कि अब ड्रोन के जरिए चाइनीज़ मांझे से पतंग उड़ाने वालों पर पूरी नजर रखी जाएगी। मकर सक्रांति के दिन खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। अगर कोई भी चाइनीज़ मांझे से पतंग उड़ाता मिलता है तो कोटा पुलिस उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। चाइनीज़ मांझे को लेकर कोटा पुलिस का सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ किया। कल शहर के मकबरा इलाके में कई दुकानों और गोदामों में चाइनीज़ मांझे को लेकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस के जाब्ते ने दुकानों और गोदाम में दबिश देकर सर्च अभियान चलाया। दुकानदारों को चाइनीज़ मांझा नहीं बेचने की हिदायत भी दी गई। रेलवे ने जारी की एडवाइजरी
सौरभ जैन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि शत प्रतिशत ट्रेनों का कोटा रेल मंडल में संचालन हाई वोल्टेज के विधुत के तारों के माध्यम से होता है। इनमें 25000 वोल्ट का विधुत प्रवाह (करंट) बिजली के तारों में होता है, जिनमें 24 घंटे निरन्तर विधुत प्रवाह (करंट) चालू रहता है। यदि पतंग का मांझा इन बिजली के तारों में उलझ जाये तो करंट इस मांझे के गीले, मेटेलिक व अन्य कारणों से सीधे पतंग उड़ाने वाले तक पहुंच कर खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकता है। पूर्व में भारतीय रेल के तारों में पतंगबाजी के कारण इस तरह की कई घटनाये घटित हो चुकी है। मकर संक्राति के दौरान रेल प्रशासन सभी आमजनो को सजग करते हुए निवेदन करता है कि रेल लाइन के आस-पास पतंगबाजी से परहेज करें, ताकि किसी अनहोनी/जनहानि से बचा जा सकें। साथ ही पतंग व इसके मांझे के बिजली के तारों में उलझने से रेल संचालन में रूकावट व यात्री सेवा में होने वाली देरी से बचा जा सकें।


