स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोथन (एसकेआईटी), जयपुर ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025-सॉफ्टवेयर एडिशन के ग्रैंड फिनाले का सफल आयोजन और समापन किया। दिनभर चली गतिविधियों में देशभर से आए प्रतिभागियों ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के एनसीवीईटी द्वारा दिए गए प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर आधारित नए समाधान प्रस्तुत किए। ये समाधान प्रतिभागियों द्वारा कैंपस में आयोजित 36 घंटे के गहन हैकाथॉन के दौरान विकसित किए गए थे। दोपहर में एआईसीटीई मुख्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत के युवाओं से कम लागत, टिकाऊ और कुशल समाधान की उम्मीद कर रही है। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने विभिन्न नोडल केंद्रों से वर्चुअल रूप से एसआईएच टीमों से संवाद किया। उन्होंने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना पर जोर देते हुए छात्रों को देश की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों की मेहनत, शोध और समस्या-समाधान क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत ज्ञान का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैलेडिक्ट्री समारोह और सम्मान शाम को वैलेडिक्ट्री समारोह का शुभारंभ एसकेआईटी निदेशक जयपाल मील के स्वागत संबोधन से हुआ। मुख्य अतिथि मंजू मीणा (IIS), विशिष्ट अतिथि प्रो. पुनीत शर्मा का सम्मान किया गया। इसके बाद नीलम चौधरी ने एसआईएच-2025 की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें मजबूत भागीदारी, उत्कृष्ट प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण समाधानों को रेखांकित किया गया। चार विजेता टीमों ने जीता 1.5–1.5 लाख का पुरस्कार पुरस्कार वितरण समारोह में एनसीवीईटी के प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर काम करने वाली चार टीमों को विजेता घोषित किया गया। विशिष्ट अतिथि प्रो. पुनीत शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने युवाओं को इनोवेशन और वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ऐसा मंच उपलब्ध कराने हेतु एसकेआईटी के प्रयासों की सराहना की। मुख्य अतिथि मंजू मीणा ने एसआईएच को अकादमिक जगत, उद्योग और सरकार को एक मंच पर लाने वाली ऐतिहासिक पहल बताया। समारोह का समापन सुभरोजीत गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय, एनसीवीईटी, मेंटर्स, ज्यूरी, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों और सभी प्रतिभागी टीमों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने एसआईएच-2025 को एसकेआईटी, जयपुर में बेहद सफल बनाया।


