इंटरपोल की सूचना ने जमशेदपुर में हाई अलर्ट:स्लीपर सेल की आशंका से सुरक्षा एजेंसियां चौकस, प्रशासन सतर्क, सुरक्षा को बढ़ी चिंता

जमशेदपुर एक बार फिर हाई अलर्ट पर है। इंटरपोल की खुफिया चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूरे जिले में सतर्कता कड़ी कर दी गई है। इंटरपोल की ओर से जारी इनपुट के बाद औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य खुफिया एजेंसियों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी स्तर से लेकर सभी थानों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और पुराने मामलों की समीक्षा करने को कहा गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, औद्योगिक क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बलों को अतिरिक्त अलर्ट रहने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय बैठक करने की तैयारी में है। स्लीपर सेल नेटवर्क का दावा, रेड कॉर्नर नोटिस जारी मिली जानकारी के अनुसार जमशेदपुर में एक दर्जन से अधिक स्लीपर सेल सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। हालांकि तमाम बातों को लेकर कोई अधिकारी कुछ भी बोल नहीं रहे हैं। दावा किया गया है कि इनका सीधा या परोक्ष संबंध पाकिस्तान से है और कुछ लोग आतंकी प्रशिक्षण भी ले चुके हैं। रिपोर्ट में आजादनगर थाना क्षेत्र के जाकिरनगर रोड नंबर-14 निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान को इस नेटवर्क का प्रमुख बताया गया है। अर्शियान पिछले सात से आठ वर्षों से फरार है। उसकी तलाश में एनआईए और एटीएस की टीमें कई बार जमशेदपुर आ चुकी हैं। जांच एजेंसियों की सिफारिश पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, जिसके बाद उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज कर दी गई है। पुराने आतंकी मामलों से जुड़ती रही हैं कड़ियां जमशेदपुर पहले भी आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों में चर्चा में रहा है। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया था। जांच में उसका संपर्क ओडिशा से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल रहमान उर्फ कटकी से सामने आया था। कटकी को झारखंड और ओडिशा में नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ था कि शमी पाकिस्तान जाकर हथियारों का प्रशिक्षण ले चुका था। इसी नेटवर्क में अर्शियान और उसके भाई मोहम्मद जीशान का नाम सामने आया था। जीशान फिलहाल दिल्ली की जेल में बंद है। औद्योगिक शहर होने से संवेदनशील टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के कारण जमशेदपुर देश के अहम औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। ऐसे प्रतिष्ठान आतंकी संगठनों के लिए हाई इम्पैक्ट टारगेट माने जाते हैं। टाटानगर रेलवे जंक्शन और मजबूत सड़क नेटवर्क भी शहर की रणनीतिक अहमियत बढ़ाते हैं।
अलर्ट के बाद होटल, लॉज, किराए के मकान और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। वाहन जांच अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। नाम नहीं छापने की शर्त पर कई अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियां हर चुनौती से निपटने को तैयार हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *