इंटर स्टेट नाके और फ्लाइंग स्क्वॉयड से हो रही बाहरी राज्यों के वाहनों की चेकिंग : डीसी वालिया

भास्कर न्यूज| रोपड़ पंजाब सरकार ने भले ही 16 सितंबर से धान की फसल की खरीद शुरू कर दी है लेकिन अगर बात की जाए रोपड़ मंडी की तो यहां अभी तक प्रबंध अधूरे हैं। यहां न तो आढ़तियों को अभी तक फड़ अलॉट किए गए हैं और न ही बारदाना पहुंचा है। यही नहीं, अभी मंडियों की सफाई भी नहीं हो पाई है और पीने वाले पानी, बाथरूम और अन्य प्रबंध भी न के बराबर है। मौजूदा सीजन में जिले में 40 हजार हेक्टेयर में धान और बासमती की खेती की गई है, जिससे करीब 2.5 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है लेकिन मंडी के प्रबंधों को देखते हुए इनकी बिक्री कब सही मायनों में शुरू होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है। वैसे प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मंडियों में जल्द ही सभी प्रबंध पूरे कर लिए जाएंगे और किसानों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इस संबंध में आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष स्वत्रंत कौशल ने कहा कि अभी तक कोई मंडी इंस्पेक्टर नहीं आया है और न ही फड़ अलॉट हुए हैं जिस कारण बारदाना नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि धान खरीद के दौरान आरओ (शैलर मालिक के माल उठाते समय काटी जाने वाली पर्ची) साथ की साथ होने चाहिए और ओपन पैडी खरीद होनी चाहिए। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरमेल सिंह ने कहा है कि जिले में चल रहे मौजूदा सीजन में लगभग 40 हजार हेक्टेयर में धान और बासमती की खेती की गई है, जिससे करीब 2.5 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान (ग्रेड-ए) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। उन्होंने कहा कि फसल के सुचारू विपणन के लिए किसानों को मंडियों में तुलाई और बोली के समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। फिलहाल धान की फसल पर किसी कीट या बीमारी का प्रभाव नहीं देखा गया है। हालांकि, कुछ शुरुआती किस्मों में दाने बदरंग दिखाई दे रहे हैं, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि फसल में झड़ने की समस्या कम करने के लिए प्रति एकड़ 3 किलो पोटाशियम नाइट्रेट (13:0:45) को 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों को सलाह दी कि धान और बासमती की कटाई पूरी तरह पकने पर ही करें। बेहतर भाव पाने के लिए अनाज में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत निर्धारित मानक के अनुसार होनी चाहिए। धान की कटाई सुबह 10 बजे के बाद और शाम 6 बजे से पहले करें। उधर, डीसी वरजीत वालिया ने कहा है कि किसानों की फसल की समय पर खरीद के बाद भुगतान 48 घंटे के भीतर कर दिया जाएगा। सीजन के दौरान बाहर के राज्यों से जिले की मंडियों में एमएसपी पर धान बेचने से रोकने के लिए जिला प्रशासन इंटर-स्टेट नाके और फ्लाइंग स्क्वॉयड के जरिए वाहनों की चेकिंग करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए वचनबद्ध है। जिले की मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, बाथरूम की सफाई, रोशनी, पंखे, तिरपाल और अन्य जरूरी प्रबंध पूरे किए जा रहे हैं ताकि किसानों को कोई परेशानी नहीं हो। ^मंडियों में प्रबंध पूरे किए जाएंगे। सभी मंडियों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और बारदाना भी उपलब्ध करवाया जाएगा। साफ सफाई और पानी के प्रबंध किए जाएंगे और किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। – डॉ. किमी वनीत कौर सेठी-जिला फूड सप्लाई अफसर

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