भास्कर न्यूज | जालंधर हंसराज महिला महाविद्यालय में इंडियन नॉलेज सिस्टम पर एक दिवसीय वर्कशाप करवाई गई। उत्कर्ष माइंड्स, पुणे के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का मुख्य विषय वैदिक टेक्निक्स फॉर गोल एंड पर्सनैलिटी मास्टरी था। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को वैदिक परंपराओं और आधुनिक जीवन के गुर सिखाए। डॉ. रमनीता सैनी शारदा और डॉ. ममता ने स्वामी दयानंद सरस्वती के वेदों की ओर लौटो के आह्वान पर जोर देते हुए छात्रों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में प्राचीन ज्ञान की भूमिका को स्पष्ट किया। डॉ. श्रीकांत ने वैदिक ज्ञान के वैज्ञानिक आधार और प्राणायाम के महत्व को समझाया। जबकि डॉ. आनंद प्रकाश ने बेहतर संबंधों के लिए रिलेशनशिप स्किल्स और संवाद कला पर चर्चा की।


