इंदौर को नए साल में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शहर के कुमेड़ी क्षेत्र में बने इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का संचालन जनवरी 2024 से शुरू होगा। यह शहर का पहला फुल एयर-कंडीशन बस स्टैंड होगा, जहां से गुजरात, राजस्थान और दिल्ली की ओर जाने वाली 186 बस संचालित होंगी। कुमेड़ी में बनने वाले आईएसबीटी को यात्रियों और ट्रैवल संचालकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इस नए बस टर्मिनल का उद्घाटन जनवरी 2024 में किया जाएगा, जिससे इंदौर के सार्वजनिक परिवहन में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है। कुमेड़ी का नया बस स्टैंड, जिसे सितंबर 2019 में मंजूरी मिली थी, पहले दिसंबर 2022 तक पूरा होना था। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण काम में रुकावट आई। नतीजतन, प्रोजेक्ट की डेडलाइन दो बार बढ़ाई गई। अब प्रशासन इसे जनवरी 2025 में शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सिंहस्थ और मेट्रो से जुड़ाव यात्रियों और सिटी बसों के लिए सुविधाएं यह नया बस स्टैंड शहर में ट्रैफिक और भीड़भाड़ कम करेगा, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा और उज्जैन सिंहस्थ के लिए एक बड़ी सहूलियत साबित होगा। इंदौर को मिला प्रदेश का पहला ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर इंदौर में यातायात को सुगम बनाने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रदेश का पहला ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बन रहा है। यह कॉरिडोर सरवटे बस स्टैंड से शुरू होकर कुमेड़ी में आईएसबीटी पर खत्म होगा। इस कॉरिडोर की खास बात यह है कि इसमें दो बड़े बस स्टैंड, तीन रेलवे स्टेशन और एक मेट्रो स्टेशन को जोड़ा गया है। ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की खासियत नायता मुंडला आईएसबीटी: संचालन में अड़चनें इंदौर के नायता मुंडला बस स्टैंड का संचालन 10 सितंबर से शुरू हुआ। हालांकि, शुरुआत में महाराष्ट्र और गुजरात रूट की 30 बसें चलाई गईं, लेकिन वर्तमान में केवल तीन-चार बसें ही संचालित हो रही हैं। यह हो रही हैं समस्याएं आगे की उम्मीदें इंदौर का ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और कुमेड़ी आईएसबीटी एक बड़ा कदम है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। हालांकि, नायता मुंडला आईएसबीटी को पूरी तरह कार्यक्षम बनाने के लिए प्रशासन को अधूरी सड़कों और यात्री सुविधाओं पर ध्यान देना होगा।


