नगर निगम ने मंगलवार को शहर के 85 वार्डों में पहली बार पानी की समस्या सुनने के लिए जल सुनवाई रखी। टेबल-कुर्सी और बैनर लगाकर कर्मचारी बैठे, पर 50 वार्डों में शिकायतें ही नहीं आईं। कई वार्ड ऐसे थे जहां पानी गंदा आता है इसलिए टंकी पर लोग कैन लेकर पानी भरने पहुंचे, लेकिन इन्होंने भी शिकायत नहीं की। पूछने पर बोले- पहले कई बार शिकायतें की लेकिन ये लोग कुछ करते ही नहीं। भरोसा नहीं रहा, इसलिए अब शिकायत करना ही बंद कर दीं। कुछ वार्डों में पार्षद सक्रिय हुए, तो गंदे पानी, कम प्रेशर, कम पानी मिलना, पानी की जांच, नल कनेक्शन, सप्लाई की दिक्कतों, बोरिंग में गंदा पानी की शिकायतें मिलीं। 85 वार्डों में कुल 309 आवेदन मिले। पलासिया टंकी पर दोपहर 1 बजे तक सिर्फ चार शिकायतें आईं। गोयल नगर टंकी पर 27 लोग पहुंचे और कम पानी और प्रेशर कम होने की शिकायत की। स्कीम नंबर 71 में द्वारकापुरी से आए एके पागारानी ने बताया, कुछ समय तक बदबूदार पानी आता है। द्रविड़ नगर टंकी पर तो कर्मचारी शिकायतकर्ता का इंतजार करते रहे। लोग बोले- नल में गंदा पानी आने की कई बार शिकायतें की, नतीजा सिफर परदेशीपुरा: कैन लेकर पहुंचे भाई-बहन कोई शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा। एक रहवासी ने कहा कि घर में गंदा पानी आता है, इसलिए टंकी से ही ले जाते हैं। शिकायत नहीं कर रहे क्योंकि कोई कार्रवाई नहीं होती। भाई-बहन कुणाल और काव्या स्कूटी पर चार कैन लेकर पहुंचे। वे बोले- घर में गंदा आता है। हम पहले कई बार शिकायत कर चुके। हवा बंगला: ड्रेनेज लाइन की शिकायत इसमें सुदामा नगर, सूर्यदेव नगर व आसपास की कॉलोनियां आती हैं। कर्मचारी तैयारी से बैठे थे। 12 बजे तक इक्का-दुक्का शिकायतें ही पहुंची। लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में शुरुआत के 15 मिनट गंदा पानी आता है। ई सेक्टर से घरों के आगे ड्रेनेज लाइनें डालने की शिकायत ले कर भी पहुंचे थे। राजमोहल्ला में स्टाफ अनजान राजमोहल्ला में जल सुनवाई तय थी, लेकिन वहां ऐसी कोई हलचल नहीं थी। निगम के आदेश में जिन इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई थी, पूछने पर वहां मौजूद स्टाफ अचरज में था कि हमें तो किसी ने बताया ही नहीं। उपयंत्री कहां हैं? जवाब मिला – जयरामपुर वाली टंकी पर हैं। भागीरथपुरा में तीन शिकायतें दूषित पानी से जिस भागीरथपुरा में 23 मौतें हुईं वहां तीन शिकायतें आईं। लेकिन ये गंदे पानी की नहीं, टैंकर नहीं मिलने की थीं। करीब 11 बजे यहां महापौर पहुंचे। कुछ देर रुके, इसके बाद यहां से निकल गए। यहां रोज निगम की टीमें घूम रही हैं, इसलिए जल सुनवाई का असर नहीं दिखा। सत्य साईं टंकी यहां 21 शिकायतें आईं। अधिकांश शिकायतें बापू गांधी नगर और मालवीय नगर से थीं। बापू नगर के सुरेश कुमार ने बताया कि कम प्रेशर से पानी आता है। बर्फानी धाम टंकी क्षेत्र से 18 शिकायतें दर्ज की गईं। सुखलिया टंकी क्षेत्र में 20 से ज्यादा शिकायतें सामने आईं। आंबेडकर नगर टंकी
दोपहर 1 बजे तक 9 शिकायतें मिलीं क्योंकि पार्षद ने लोगों को बुलवाकर शिकायत दर्ज करवाई। सोनिला मिमरोट और आनंद नामदेव ने बताया कि पानी नहीं आता है। गायत्री वैद्य ने शिकायत की कि पानी प्रेशर से नहीं आता है। विमल नरवाल ने बताया कि पहले पानी 80 मिनट आता था, अब 15 मिनट आ रहा है।


