‘घंटा’ का असर.. विजयवर्गीय बोले-कितना भी दबाव डालो, नहीं बोलूंगा:अतिथि शिक्षक गिड़गिड़ाए, नहीं रुके सिंधिया; मंत्री ने सिक्का उछाला, नेता की जेब में गिरा

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के स्वर बदले
कहते हैं न कि दूध का जला, छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। धार दौरे पर उनका बदला हुआ अंदाज साफ दिखा। पत्रकारों ने उनसे भोजशाला को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- आप कितना भी दबाव डालेंगे, मैं सिर्फ जी-राम-जी के बाहर नहीं जाऊंगा। अपने बेबाक बयानों से सुर्खियां पाने वाले कैलाश ने भोजशाला मुद्दे पर सवाल उठते ही बेहद सतर्क रुख अपनाया। कोई भी बयान देने के बजाय उन्होंने बात को तुरंत मोड़ते हुए कहा- जी राम जी, धन्यवाद बहुत-बहुत। लेकिन ये बदला हुआ स्वर यूं ही नहीं है। लोगों को अब भी वह गाली वाला बयान याद है, जिस पर जमकर बवाल मचा था। विपक्ष ने इस्तीफे की मांग की, संगठन ने भी उन्हें तलब किया। अब उसी विवाद का असर कहें या डर, विजयवर्गीय के शब्द, लहजा और प्रतिक्रिया तीनों बदले से नजर आए। मंत्री प्रहलाद पटेल ने दिखाए तीखे तेवर
बालाघाट दौरे पर गए मंत्री प्रहलाद पटेल के तेवर उस वक्त तीखे हो गए, जब एक मामले में आदिवासी नेता उनके सामने अपनी बात रख रहे थे। मंत्री अचानक तैश में आकर बोले- तुम यार हमको समझा रहे हो क्या। दरअसल, मंत्री प्रहलाद पटेल बालाघाट जिले के वारासिवनी पहुंचे थे, जहां जनपद भवन निर्माण का भूमिपूजन होना था। लेकिन जिस स्थान पर भवन प्रस्तावित है, उसके एक हिस्से को आदिवासी समाज अपने देवता का स्थान बता रहा है। इसीलिए जनपद भवन के लिए जमीन देने का विरोध कर रहा है। इसी मामले को लेकर आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंत्री से बात कर रहे थे। लेकिन मंत्री ने जो रवैया अपनाया इसे लेकर आदिवासी समाज ने नाराजगी जताई है। आदिवासी नेताओं का कहना है कि एक जवाबदार मंत्री के इस तरह के बयान से आदिवासियों के प्रति उनकी मानसिकता का पता चलता है। हम इसका विरोध करेंगे। सिंधिया से अतिथि शिक्षकों की गुहार
महाराज, हम 20 साल से अतिथि शिक्षक हैं, हमें कुछ नहीं मिला। अतिथि शिक्षकों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना दुखड़ा सुनाया। लेकिन सिंधिया, मैं देखता हूं कहकर चले गए और अतिथि शिक्षक गिड़गिड़ाते रहे। इस मामले का वीडियो भी सामने आया है। अतिथि शिक्षकों ने सिंधिया को उनका पुराना वादा भी याद दिलाया। वे सिंधिया को कहते नजर आ रहे हैं कि महाराज आपने सरकार में आने से पहले कहा था कि मैं कुछ करूंगा। अतिथि शिक्षक महाराज, महाराज करते रहे और सिंधिया ने गाड़ी आगे बढ़ा ली। चुनावी हार पर छलका पटवारी का दर्द
इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी की विधानसभा चुनाव की हार का दर्द फिर छलक उठा। उन्होंने कहा- राऊ विधानसभा क्षेत्र मेरा परिवार है। मैंने वहां लाखों किलोमीटर साइकिल चलाई। फिर भी आप लोगों ने मुझे हराया। मैंने उफ नहीं बोला। मैंने उसको आशीर्वाद समझा। पटवारी ने कहा कि हार के बाद भी मैं आपकी आवाज पूरे मध्य प्रदेश में उठा रहा हूं। कोई कसर नहीं छोड़ता हूं। रात-दिन विपक्ष की भूमिका निभा रहा हूं। पटवारी ने जनता से कहा कि मुझे आपके आशीर्वाद और सहयोग की जरूरत है। अब लोग कह रहे हैं कि ये साल 2023 के चुनाव में हार की कसक है, जो रह-रहकर पटवारी की जुबां पर आ रही है। पटवारी थोड़े से इमोशनल भी दिखे। लोग कह रहे हैं नेताओं में ये गुण तो होता ही है। नेता जी की जेब में गिरा टॉस का सिक्का
सतना में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के मौके पर एक रोचक वाकया देखने को मिला। मंत्री प्रतिमा बागरी ने जैसे ही उद्घाटन मैच के लिए टॉस का सिक्का उछाला, वह उछलकर सीधे टूर्नामेंट के आयोजक और भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा की जेब में जा गिरा। इस घटना पर मंत्री प्रतिमा बागरी समेत वहां पर मौजूद सभी लोग ठहाके लगाते नजर आए। कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर हंसी-मजाक का माहौल बन गया। इधर, मंत्री ने दोबारा सिक्का उछाल कर टॉस कराया। इस बार नेता जी हाथों से अपनी जेब थामे रहे। इनपुट सहयोग – अमन चौहान (धार), सुनील कोरे (बालाघाट), कपिल मिश्रा (शिवपुरी), प्रशांत द्विवेदी (सतना) ये भी पढ़ें –
सीएम के सामने गुस्सा हो गए पूर्व मंत्री, भाषण रोककर टोका: 25 साल आगे चले गए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जिले के खुरई के दौरे पर गए तो उनके स्वागत में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने मेगा शो किया। इसी मंच पर मंत्री गोविंद सिंह भी उनके साथ नजर आए। इधर, संबोधन के दौरान सीएम के सामने ही भूपेंद्र सिंह नाराज भी हो गए। पूरी खबर पढ़ें

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